Targeting Muslims in Gujarat: गुजरात के भावनगर जिले के कुंभारवाड़ा स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर एक नाटक के दौरान छात्राओं को बुर्का पहनाकर आतंकवादियों के रूप में पेश किया गया. वीडियो वायरल होने पर लोगों में काफी नाराजगी है. लोगों ने इसे इस्लामोफोबिया फैलाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश बताया है.
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Kumbharwada School Controversy: देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. खासकर जिन राज्यों में दक्षिणपंथी विचाराधारा वाली सरकारें हैं, वहां इस तरह के कई मामले सामने आए हैं. आरोप है कि मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने और उनके धार्मिक पहचान की वजह से मारपीट करने वाले आरोपियों को पुलिस प्रशासन और दक्षिणपंथी संगठनों की मदद मिलती है.
मुसलमानों से नफरत का एक और मामला दुनिया को अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले महात्मा गांधी की सरजमीं गुजरात से आया है. जहां एक स्कूल में 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कार्यक्रम पेश किया गया, जिसमें छात्राओं को बुर्का पहनाकर आतंकवादियों के रुप में दिखाया गया. इसकी वीडियो भी सामने आई, जिसका लोग पुरजोर विरोध कर रहे हैं.
यह पूरा मामला गुजरात के भावनगर जिले के कुंभारवाड़ा का बताया जा रहा है. जहां कुंभारवाड़ा के एक स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. एक नाटक में छात्राओं को बुर्का पहनाकर आतंकवादियों की भूमिका में दिखाया गया, जिसकी अब चौतरफा आलोचना हो रही है. वहीं, सामाजिक संगठन से जुड़े लोगों ने इसकी कड़ी आलोचना की और इसे समाज में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश करार दी है.
इस घटना की वीडियो वायरल होने के बाद लोग भड़क गए. इस कृत्य को इस्लामोफोबिया और सांप्रदायिक घृणा फैलाने का कोशिश बताया जा रहा है. लोगों का कहना है कि स्कूल के जरिये देश के राष्ट्रीय पर्व पर समाज को बांटने वाले नाटक को बढ़ावा देना गलत है, इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
यह घटना स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षकों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जो मासूम बच्चों के दिमाग में एक समुदाय विशेष के खिलाफ नफरत का जगर घोल रहे हैं. मुसलमानों के खिलाफ नफरत अब गली कूचों से होते हुए NCERT की किताबों से निकलकर स्कूलों तक पहुंच गई है. इस तरह की घटनाओं ने मुस्लिम समुदाय के लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है.
इस घटना की वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल इस मामले पुलिस प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.