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Lucknow News Today: रूहानियत और मोहब्बत का पैगाम लिए ईद-ए-मिलादुन्नबी का मौका एक बार फिर करीब आ रहा है. इस साल यह मौका और भी खास होने वाला है, क्योंकि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की विलादत को पूरे 1500 साल पूरे हो रहे हैं. इस तारीखी मौके पर पूरे मुल्क में जश्न-ए-मिलादुन्नबी की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं.
लखनऊ में इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया और एएमपी (AMP) की ओर से 1 सितंबर से 5 सितंबर तक पांच दिनों तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इन कार्यक्रमों का मकसद न सिर्फ ईद-ए-मिलादुन्नबी की रूहानियत को महसूस करना है बल्कि नबी-ए-पाक हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारा के पैगाम को आम लोगों तक पहुंचाना भी है.
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और शाही ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली का बड़ा बयान सामने आया है. मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने बताया कि इस बार 'प्रॉफिट ऑल मुहिम' के तहत बड़े पैमाने पर सेलिब्रेशन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इसके तहत 1 सितंबर को गरीबों और जरूरतमंदों में फूड पैकेट बांटे जाएंगे ताकि समाज में मदद और इंसानियत का संदेश दिया जा सके.
मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने लोगों से अपील की कि अगले दिन यानी 2 सितंबर को लोगों से अपील की गई है कि वे अपने घरों में पेड़-पौधे लगाएं, जिससे इंसानियत और तामीर का पैगाम दिया जा सके. उन्होंने बताया कि इसी तरह से 3 सितंबर को हर कोई सोशल मीडिया के जरिये पैगंबर-ए-इस्लाम (PBUH) का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचायें.
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ने बताता कि 4 सितंबर को सीरत और जलसों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पैगंबर-ए-इस्लाम की जिंदगी और उनके बताए रास्तों पर रौशनी डाली जाएगी. वहीं 5 सितंबर को ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर लखनऊ के अमीनाबाद से लेकर ऐशबाग ईदगाह तक एक भव्य जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे.