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Lucknow News: राजधानी लखनऊ में स्वतंत्रता दिवस पर बड़े आतंकी हमले की योजना बनाने वालों की मदद करने वालों के खिलाफ कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. शुक्रवार को विशेष NIA कोर्ट ने अंसार गजवातुल हिन्द से जुड़े मॉड्यूल को लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले दो सप्लायर- मोहम्मद मुस्तकीम और मोहम्मद शकील को दो-दो साल की सजा सुनाई है और साथ ही पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाा है.
यह फैसला विशेष न्यायाधीश हुसैन अहमद अंसारी ने सुनाया, जिसे प्रदेश में सक्रिय आतंकी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
विशेष लोक अभियोजन अधिकारी बृजेश यादव ने बताया कि मुस्तकीम और शकील ने अवैध पिस्टल और कारतूस की सप्लाई की थी. यही हथियार बाद में मिनहाज अहमद और मुसीरुद्दीन जैसे मुख्य आरोपियों तक पहुंचाए गए. यही सप्लाई चेन उस बड़े प्लान का हिस्सा थी, जिसके जरिए रामजन्मभूमि समेत यूपी के कई संवेदनशील स्थलों पर धमाकों की तैयारी चल रही थी.
सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना अपराध कबूल किया है. उनका दावा था कि इससे पहले वे कभी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं रहे. कोर्ट ने इन बातों को सजा तय करते समय महत्त्व दिया और आदेश दिया कि जेल में पहले से बिताए गए वक्त को सजा में शामिल किया जाएगा. हालांकि, अगर जुर्माना नहीं भरा गया तो अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
अल-कायदा मॉड्यूल का खुलासा जुलाई 2021 में हुआ, जब एटीएस ने 11 जुलाई को लखनऊ से मिनहाज और बशीरुद्दीन को गिरफ्तार किया था. उनके पास से प्रेशर कुकर बम, जिंदा कारतूस और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी.
जांच में सामने आया कि 15 अगस्त को लखनऊ सहित कई बड़े शहरों में सीरियल ब्लास्ट की तैयारी थी. पूछताछ में हथियार सप्लाई चेन सामने आई और उसी में मुस्तकीम व शकील के नाम जुड़े. इसके बाद दोनों को पकड़ा गया और कोर्ट में पेश किया गया.