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Punjab News Today: भारत के कई राज्यों में मुसलमानों को उनके मजहबी पहचान की वजह से बदसलूकी और मारपीट करना आमबात हो गई है. दक्षिणपंथी और हिंदूवादी संगठन लगातार अल्पसंख्यकों को न सिर्फ उनके मजहब की वजह से बल्कि खानपान, रहन-सहन और इबादत करने पर निशाना बनाया जा रहा है. कई जगहों पर मुस्लिम शैक्षणिक संस्थानों और उनके मजहबी जगहों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं. मुसलमानों के साथ हो रही बदसलूकी और मारपीट की घटनाएं अब तेजी से बढ़ रही हैं.
अभी तक इस तरह की घटनाएं अक्सर बीजेपी शासित राज्यों से आती थीं, लेकिन अब मुसलमानों के हिंसा की घटनाएं कथित सेक्यूलरिज्म और मुसलमानों के शुभचिंतक होने का दावा करने वाली सियासी दलों के शासन में भी हो रहा है. इसी तरह की एक घटना पंजाब के लुधियाना से आई हैं. इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसके बाद मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं.
यह पूरा मामला पंजाब के लुधियाना जिले का है, जहां कश्मीर के कुलगाम के रहने वाले एक अखरोट बेचने वाले शख्स के साथ मारपीट का मामला सामने आया है. पीड़ित शख्स के मुताबिक, उसके अखरोट से भरे एक डिब्बे के ट्रांसपोर्ट के दौरान गायब होने की जानकारी मिली. जब उसने इस मामले में ट्रांसपोर्टर से सवाल किया, यह बात बदमाशों को काफी नागवार लगी. जब बदमाशों को उनके एक खास समुदाय से ताल्लुक होने की बात पता चली तो वह और भड़क गए और व्यापारी पर हमला कर दिया.
इस हमले में पीड़ित लहूलुहान हो गया. पीड़ित का कहना है कि वह पिछले 20 साल से पंजाब में काम कर रहा है और पहली बार उसके साथ इस तरह की घटना हुई है. उन्होंने बताया कि एक बस से अखरोट के 14 डिब्बे और 3 बैग लेकर वह बस से लुधियाना आए थे. पीड़ित के मुताबिक, वह यहां पर अखरोट और दूसरे ड्राईफ्रूट का कारोबार करते हैं. बस वाला जब लुधियाना पहुंचा तो पीड़ित को अखरोट के 13 डिब्बे ही दिए गए. एक डिब्बा गायब था. इस बात से बस का स्टाफ नाराज हो गया.
पीड़ित ने बताया कि इस पर बस वाले सामान ले जाने के लिए दबाव बनाने लगे. इस पर पीड़ित ने कहा कि यह सामान आप लोग रख लीजिये. उन्होंने कहा कि विवाद न बढ़ें इसलिए मैंने बस वालों से कहा कि यह सामान आप ही लोग रख लीजिये, मैं इसकी शिकायत जम्मू में रहने वाले आपके मालिक बिट्टू से बात करके ले लूंगा. पीड़ित के मुताबिक, इसी दौरान मौके पर कई लोग आ गए, जिनमें से कुछ ने शराब पी रखी थी. डिब्बा वापस करने की मांग आरोपियों को इतनी बुरी लगी कि उन्होंने पीड़ित शख्स की जमकर पिटाई कर दी. इतना ही नहीं बदमाशों ने पीड़ित को अपमानित करते हुए भद्दी गालियां भी दीं.
पीड़ित ने आगे बतयाा कि वह लुधियाना में 20 साल से यह काम करते हैं , लेकिन इससे पहले किसी ने मुझे भला-बुरा, गाली गलौज या मारपीट नहीं की है. उन्होंने आरोपियों में से एक सरदार और उसके दो से तीन लोग और थे. उन्होंने कहा कि मेरे साथ मारपीट की है, लेकिन उन्होंने मेरे साथ मारपीट किस बात को लेकर कही है. पीड़ित के मुताबिक, वह कश्मीर से आते हैं यहां पर मजदूरी करने, जिससे उनका घर चल जाए. उन्होंने कहा कि कश्मीरियों को सिर्फ यहीं नहीं पूरे देश में बेवजह मारा जा रहा है.
इस घटना के बाद पीड़ित ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. पीड़ित ने लुधियाना पुलिस का इसके लिए शुक्रिया अदा किया.पीड़ित को लुधियाना पुलिस ने सख्त कार्रवाई कर इंसाफ दिलाने का भरोसा दिलाया है. उन्होंने लुधियाना पुलिस अधीक्षक से अपील की कि इस तरह के जो भी लोग हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. इससे असामाजिक तत्वों में कड़ा संदेश जाए और वह बेगुनाह कश्मीरियों के साथ ऐसा न करें.