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Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के महिदपुर रोड नगर (उज्जैन) में कथित तौर पर एक हिंदू युवती के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में जुबैर मंसूरी नाम के एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. लेकिन हिंदूवादी संगठन ने इसे लव जिहाद बताकर बवाल खड़ा कर दिया है. आरोपी जुबैर मंसूरी की गिरफ्तारी के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मांग की कि आरोपी का जुलूस निकाली जाए और उसके घर पर बुलडोजर चालाई जाए. इसके साथ ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने पूरे इलाके में बंद का आह्वान किया और विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया और मुस्लिम समाज के दुकानों को चिंहित करके उनमें तोड़फोड़ की और आग के हवाले कर दिया.
दरअसल, बीते सोमवार की रात मध्य प्रदेश के महिदपुर रोड नगर में जुबैर मंसूरी नाम के एक युवक पर आरोप लगा कि वह एक हिंदू युवती के घर में घुसकर कथित तौर पर छेड़खानी करने की कोशिश की, लेकिन युवती के घर वालों ने आरोपी जुबैर को मौके पर दबोच लिया. घर वालों ने आरोपी जुबैर को पुलिस के हवाले कर दिया. इस मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंचे.
रात बितने के बाद यानी बुधवार (15 दिसंबर) को विश्व हिंदू परिषद और बजरंगदल ने इलाके में बंद का आह्वान किया और रोड जामकर करके विरोध करना शुरू कर दिया. इस दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक आरोपी के बहाने पूरे मुस्लिम समाज को टार्गेट किया और आसपास के दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की. इस मामले से इलाके में आक्रोश है, मुस्लिम समाज के लोग डर के साये में हैं.
इस घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि एक आरोपी की गलती के बाद पूरे समाज को गुनाहगार बताना और उनके संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना संवैधानिक है? अगर हिंदूवादी संगठनों का यह उत्पात गैरकानूनी है तो इन संगठनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? इस प्रकार के उग्र संगठनों के ढ़ांचे को पूरी तरह समाप्त क्यों नहीं किया जा रहा है? आरोप छेड़छाड़ का है, इसे लव जिहाद बताकर मुस्लिम व्यक्तियों के दुकानों में आगजनी करना सही है?