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Maharashtra Politics: महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं. नितेश राणे पर पहले भी बार-बार विवादास्पद और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप लगते रहे हैं. इस बार नितेशा राणे ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) नेता वारिस पठान के एक बयान को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की. राणे के इस बयान को विपक्षी दल संविधान विरोधी और समुदाय विशेष के खिलाफ नफरत से जोड़ रहे हैं.
दरअसल, हालिया दिनों पूर्व विधायक और AIMIM नेता वारिस पठान ने कहा था कि हिजाब पहनने वाली महिला भी महापौर बन सकती है. वारिस पठान के बयान को सुनकर महायुति सरकार में मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता नितेश राणे भड़क गए. नितेश राणे ने कहा कि शायद वारिस पठान यह भूल गए हैं कि वे किस देश और किस राज्य में रहते हैं.
नितेश राणे ने दावा किया कि भारत एक हिंदू बहुल देश है और महाराष्ट्र में ऐसी सरकार है जो हिंदुत्व की विचारधारा को मानती है और जिसे हिंदू समाज के समर्थन से चुना गया है. अक्सर मुसलमानों के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले नितेश राणे ने कहा कि ऐसे माहौल में इस तरह के बयान देकर समाज में भ्रम या तनाव पैदा करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए.
नितेश राणे ने यह भी कहा कि अगर कोई नेता इस तरह के सपने देख रहा है, तो उसे पहले जमीनी हकीकत को समझना चाहिए. राणे के मुताबिक, महाराष्ट्र, खासकर मुंबई, ऐसा शहर नहीं है जहां समाज को बांटने वाली या उकसावे वाली सियासत को आसानी से स्वीकार कर लिया जाए.
अपने बयान में राणे ने सवाल उठाया कि इस तरह की सोच रखने वाले लोगों को यह विचार करना चाहिए कि क्या वे राज्य की सामाजिक और सांस्कृतिक भावना का सम्मान कर रहे हैं या नहीं. उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जहां-जहां कट्टर सोच को सियासत के जरिये से आगे बढ़ाया गया है, वहां सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा है.
राणे के मुताबिक, ऐसी सियासत से समाज में डर, अविश्वास और टकराव बढ़ता है और इसका सबसे बड़ा खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है. इसी वजह से उन्होंने कहा कि मुंबई में किसी भी तरह की कट्टर या विभाजनकारी मानसिकता को पनपने नहीं दिया जाएगा. मंत्री ने यह भी दावा किया कि हिंदू समाज कमजोर नहीं है और वह अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना जानता है.
राणे के मुताबिक, समाज लोकतांत्रिक तरीके से, लेकिन मजबूती के साथ, इस तरह के बयानों का जवाब देगा. महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने जोर देकर कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र में शांति, भाईचारा और कानून-व्यवस्था से किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जाएगा.