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Ajmer Sharif Dargah News Today: महाराष्ट्र के पालघर की रहने वाली 25 वर्षीय सना हमीद अंसारी ने फिर साबित कर दिया कि हौसला और ईमानदारी की कोई सीमा नहीं होती है. मक्का-मदीना शरीफ का पैदल हज कामयाबी के साथ पूरा करने के बाद, अब सना ने मस्जिदे अल-अक्सा की 3888 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा का इरादा किया है. उनका यह साहसिक कदम खास तौर पर मजलूम फिलिस्तीनियों की मदद और उनके लिए दुआएं करने के मकसद से किया जा रहा है.
इससे पहले सना अंसारी अपने खानदान के साथ अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचीं, जहां उन्होंने हजरत ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैहि के दरबार में हाजिरी दी और अकीदत के फूल पेश किए. दरगाह के खादिम ने उनका स्वागत किया और उन्हें दरबार की दस्तार के तौर पर दुपट्टा ओढ़ाया. सना ने दरबार में मस्जिदे अल-अक्सा तक की पैदल सफर को कामयाबी के साथ पूरा करने की दुआ मांगी.
सना का यह सफर न सिर्फ मजहबी लिहाज से बल्कि यह इंसानियत और मलूम लोगों की मदद के लिए वक्फ है, उनका रास्ता 5 देशों से होकर गुजरेगा, जिनमें ईरान, इराक, जोर्डन, सीरिया और फिलिस्तीन से होकर जाएगा. सना वहां पहुंचकर मस्जिदे अल-अक्सा की जियारत करेंगी. इस सफर के दौरान सना अंसारी फिलिस्तीनियों की मदद के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगी और उनके लिए खास दुआएं करेंगी.
बता दें, सना हमीद अंसारी की उम्र मात्र 25 साल है और उनका जन्म और पालन-पोषण पालघर, महाराष्ट्र में हुआ है. पिछले साल 2025 में उन्होंने मक्का-मदीना शरीफ का पैदल हज कामयाबी के साथ पूरा किया था. अब उनका यह लंबा और कठिन पैदल सफर दर्शाता है कि उन्होंने अपने हौसले और समर्पण से खुद को तैयार कर लिया है. सना के इस फैसले की हर तरफ लोग खूब तारीफ कर रहे हैं.
अजमेर में लोगों ने सना के फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि उनका यह कदम न सिर्फ मजहबी लिहास से खास है बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा है. उन्होंने कहा कि यह पैदल सफर कुल 3888 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना होगा, लेकिन उनका हौसला और यकीन उन्हें इस मकसद में कामयाब बनाएगा. हम सबकी नेक ख्वाहिशात और दुआएं सना के साथ हैं.