Mahmood Madni: मदनी बोले, "आतंकवादी तो फसादी हैं, हम हैं असली जिहादी; 30 सालों से ये समझा रहा हूँ"

Mahmood Madni on Jihad: मध्य प्रदेश के भोपाल में एक प्रोग्राम के दौरान जुल्म के खिलाफ जिहाद करने का आह्वान करने के बाद जमीयत उलेमा ए हिंद के सद्र मौलाना महमूद मदनी चौतरफा घिर गए हैं. अपने बयान के बाद उन्होंने कहा है कि लोग जिहाद का गलत मतलब निकाल रहे हैं, इस्लाम के एक पवित्र शब्द को गाली बना दिया गया है. उन्होंने कहा कि असली जिहाद का मतलब आप समझिये, आतंकवादी और पाकिस्तान के प्रोपगैंडा में न फंसे. यहाँ पढ़ें, सलाम टीवी को दिए मदनी के इंटरव्यू के ख़ास अंश..

Mahmood Madni: मदनी बोले, "आतंकवादी तो फसादी हैं, हम हैं असली जिहादी; 30 सालों से ये समझा रहा हूँ"
Image Credit: मौलाना महमूद मदनी

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Hussain Tabish

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हुसैन ताबिश Zee News  में एसोसिएट न्यूज़ एडिटर हैं. वो Salaam TV और JK & Ladakh TV के डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म की टीम को लीड करते हैं. उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क पर ख़बरों से खेलने का लगभग 18 सालों का अनुभव है. Zee से पहले वो HT Media, Amar Ujala, Prasar Bharti, Raj Express, Forward Press, Mahanagar Media Network Ltd, BIG Pvt. Ltd. और 'देशबंधु' अखबार जैसे संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क पर संपादन की भूमिका निभा चुके हैं. वह भारत सरकार के ICSSR-फंडेड मीडिया रिसर्च प्रोजेक्ट में रिसर्च एसोसिएट रह चुके हैं. उन्हें हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली विधान सभा चुनावों के पहले ओपिनियन पोल सर्वे करने का अनुभव है. बिहार में मुस्लिम महिलाओं में शिक्षा का निम्न स्तर, अकुशल मजदूरों के पलायन और इंसेफेलाइटिस पर रिपोर्टिंग के लिए उन्हें फेलोशिप मिल चुका है. एम.फिल और पी.एचडी की शिक्षा प्राप्त हुसैन ताबिश एक पत्रकार के अलावा मीडिया शोधार्थी, शिक्षक और प्रशिक्षक भी हैं. वो जर्नलिज्म के स्टूडेंट्स को इंडियन पॉलिटी, रिपोर्टिंग, एडिटिंग, मीडिया एथिक्स और कंटेंट प्रोडक्शन पढ़ाते हैं, फिर भी खुद को हमेशा जर्नलिज्म का इंटर्न मानते हैं. राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंध, मानवाधिकार, जेंडर सेंसिटिविटी, सोशल जस्टिस और माइनॉरिटी इश्यूज उनके प्रिय विषय हैं. (उनतक पहुँचने का पता mohammad.tabish@India.com).  

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