Masjid Faiz E Ilahi Case: मस्जिद फैज-ए-इलाही के आस-पास 36,000 वर्ग फुट में बने कई स्ट्रक्चर्स को MCD ने अवैध अतिक्रमण बताते हुए बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. इस कार्रवाई के बाद मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष ने ऐलान किया है कि वह हार नहीं मानेंगे और MCD को बेनकाब करेंगे. उन्होंने कहा कि यह मामला कोर्ट में चल रहा है. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Masjid Faiz E Ilahi Case: मस्जिद दरगाह फैज-ए-इलाही के आस-पास 36,000 वर्ग फुट में बने मैरेज हॉल, क्लिनिक और अन्य स्ट्रक्चर को MCD ने बीते 6-7 जनवरी की दरमियानी रात बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया. इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई. झड़प के बाद मुस्लिम समाज के लगभग 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और 30 अन्य की पहचान कर ली गई है. अब यह मामला तूल पकड़ चुका है. मस्जिद कमेटी के चीफ नजमुद्दीन चौधरी ने कहा है कि मस्जिद के आसपास ध्वस्तीकरण होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी है.
मस्जिद दरगाह फैज-ए-इलाही कमेटी के चीफ निजामुद्दीन चौधरी ने कहा कि यह मामला अभी कोर्ट में पेंडिंग है. उन्होंने कहा कि मस्जिद कमेटी MCD को कानूनी तौर पर बेनकाब करेगी. उन्होंने कहा कि तोड़-फोड़ के काम के बाद इलाके को घेरने और कब्जे की कोशिश को किसी भी हालत में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा.
निजामुद्दीन चौधरी ने कहा कि एक ऑर्गनाइजेशन की पिटीशन पर हाई कोर्ट ने बिना पार्टियों को सुने मामले का फैसला MCD, DDA और L&D पर छोड़ दिया. उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने के बावजूद मैनेजमेंट कमेटी को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया और एकतरफा फैसला दे दिया गया कि कंस्ट्रक्शन गैर-कानूनी है और इसे तोड़ दिया जाना चाहिए.
निजामुद्दीन चौधरी ने कहा कि मस्जिद के प्रांगण में पहले एक कब्रिस्तान था, जिसकी फोटो उनके पास हैं. उनका दावा है कि अगर आज भी इस जगह पर खुदाई की जाए तो कब्रें मिल सकती हैं. निजामुद्दीन चौधरी ने दिल्ली वक्फ बोर्ड की भूमिका पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड का जो रवैया है, उससे साफ पता चलता है कि वह दबाव में था.
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी दिल्ली वक्फ बोर्ड की है, लेकिन मस्जिद कमेटी अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेगी. उन्होंने ध्वस्तीकरण के दौरान हुई हिंसा के बाद मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सिर्फ दोषियों को ही गिरफ्तार किया जाना चाहिए और बेगुनाह युवाओं को परेशान नहीं किया जाना चाहिए.
निजामुद्दीन चौधरी ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले पर रोक लगा दी है और अगली सुनवाई की तारीख 22 अप्रैल तय की है, इसके बावजूद MCD ने भारी पुलिस फोर्स के साथ तोड़फोड़ की, जो कोर्ट की अवमानना की कैटेगरी में आता है. उन्होंने कहा कि इस मामले पर वकीलों से बातचीत चल रही है और जल्द ही फिर से कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा.