Maulana Arshad Madani: मौलाना अरशद मदनी ने कहा है कि इस बिल के जरिए हमारे कब्रिस्तान, मस्जिदों, खानकाहों और इमामबाड़ों को टारगेट किया जाएगा. पूरी खबर पढ़ने के लिए स्क्रॉल करें.
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Maulana Arshad Madani: वक्फ एक्ट कल यानी मंगलवार को पूरे मुल्क में नाफिज हो गया है. जिसके बाद मौलना अरशद मदनी का बयान आया है. उन्होंने कहा कि यह बिल लागू हो गया तो हमारी मस्जिदों खानकाहों और कब्रिस्तानों को निशाना बनाने का आधार मिल जाएगा. उन्होंने बताया कि वह इस एक्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे हैं और मामले की सुनवाई 16 अप्रैल को होनी है.
मौलाना अरशद मदनी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ट्वीट किया है. जिसमें उन्होंने लिखा है,"वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ दायर याचिका पर 16 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. जमीयत उलमा-ए-हिंद की तरफ से सीनियर अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस मामले की जल्द सुनवाई की अपील की थी."
उनका कहना है कि वक्फ कानून संविधान, धर्मनिरपेक्षता और देश की एकता व शांति के लिए बड़ा खतरा है. हमें पूरा यकीन है कि इस मामले में अदालत से हमें न्याय मिलेगा, क्योंकि इस कानून की कई धाराएं न केवल देश के संविधान के खिलाफ हैं, बल्कि इससे नागरिकों के मौलिक और धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन भी होता है.
मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि यह कानून ऐसे वक्त पर लाया गया है जब पूरे देश में मुसलमानों के खिलाफ नफ़रत की आंधी चल रही है. हमारी कई मस्जिदें और दरगाहें पहले ही निशाना बनाई जा चुकी हैं, और वहां मंदिर होने के दावे किए जा रहे हैं. ऐसे में अगर यह असंवैधानिक कानून भी लागू हो गया तो इन बेलगाम सांप्रदायिक ताक़तों को हमारी मस्जिदों, खानकाहों, कब्रिस्तानों और इमामबाड़ों को निशाना बनाने का आधार भी मिल जाएगा.
बता दें, वक्फ बिल 2 अप्रैल को लोकसभा और 3 अप्रैल को राज्यसभा से पारित हो गया था. इस बिल को शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मंजूरी मिली है और मंगलवार को इसे नाफिज कर दिया गया है. इस बिल का अपोजीशन पार्टियों ने जमकर विरोध किया था. बिल पास होने के बाद कई पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया है.