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Zee SalaamIndian Muslimबकरीद से पहले दारुल उलूम देबंद ने देश के 20 करोड़ मुसलमानों से की ये ख़ास अपील

बकरीद से पहले दारुल उलूम देबंद ने देश के 20 करोड़ मुसलमानों से की ये ख़ास अपील

Maulana Farangi Mahali on Bakra Eid: ईद-उल-अजहा 7 जून को मनाई जाएगी. इस मौके पर मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कुर्बानी से जुड़ी जरूरी एडवाइजरी जारी की है, जिसमें तय स्थानों पर ही कुर्बानी करने, सफाई का ध्यान रखने और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है.

बकरीद से पहले दारुल उलूम देबंद ने देश के 20 करोड़ मुसलमानों से की ये ख़ास अपील

Maulana Farangi Mahali on Bakra Eid: इस साल ईद-उल-अजहा की नमाज 7 जून को अदा की जाएगी. इसके साथ ही कुर्बानी की रस्म भी पूरी हो जाएगी. इस खास मौके पर लोगों को सही दिशा-निर्देश देने और सौहार्द बनाए रखने के लिए इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के जरिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की गई है. इस एडवाइजरी को मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने जारी किया है. एडवाइजरी में सबसे पहले यह कहा गया है कि कुर्बानी सिर्फ तय की गई जगहों पर ही करें. 

मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि गलियों, मोहल्लों या सड़कों के किनारे कुर्बानी करना ठीक नहीं है, इससे लोगों को परेशानी हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी करने से बचना चाहिए. सोशल मीडिया पर कुर्बानी की तस्वीरें या वीडियो शेयर करने को लेकर भी सख्त हिदायत दी गई है. फरंगी महली ने कहा कि कुर्बानी एक धार्मिक कर्तव्य है, जिसे दिखावे से बचाया जाना चाहिए. उन्होंने अपील की कि कोई भी व्यक्ति कुर्बानी की फोटो या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड न करे, क्योंकि इससे सामाजिक तनाव उत्पन्न हो सकता है.

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शीद फरंगी महली ने की ये अपील
एडवाइजरी में साफ-सफाई और पर्यावरण का खास ध्यान रखने की अपील की गई है. इसमें कहा गया है कि जानवरों का खून नालियों में न बहाया जाए, बल्कि उसे कच्ची जमीन में दबा दिया जाए. जानवरों के बाकी हिस्सों को भी खुले में फेंकने से मना किया गया है और उन्हें सही तरीके से निपटाने की सलाह दी गई है. मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि कुर्बानी सिर्फ एक धार्मिक रस्म नहीं है, बल्कि इसमें गरीबों की मदद का भी पैगाम छुपा है. उन्होंने लोगों से कहा कि कुर्बानी का एक हिस्सा ज़रूर गरीबों और जरूरतमंदों में बांटें, ताकि ईद-उल-अजहा का असली मतलब पूरा हो सके.

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