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Jamiat Ulema E Hind: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के चीफ मौलाना महमूद मदनी ने बीजेपी सरकार की मज़म्मत की है. उन्होंने कहा है कि मुसलमानों के पर्ति पक्षपातपूर्ण और अपमानजनक रवैया सही नहीं है और इसे रोका जाना चाहिए.
मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को खिताब करते हुए मदनी ने कहा,"अगर सीएम हेमंत बिस्वा शर्मा चाहें तो मुझे बांग्लादेश भेज सकते हैं या जेल में डाल सकते हैं। लेकिन सरकार को अपना पक्षपातपूर्ण और अपमानजनक रवैया बंद करना होगा. 2021 में सत्ता संभालने के बाद से, असम सरकार किसी न किसी बहाने मुसलमानों को निशाना बना रही है. राज्य में बुलडोजर चलाना आम बात हो गई है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद, सरकार ने बुलडोजर के जरिए दशकों से वहां रह रहे सैकड़ों परिवारों को विस्थापित कर दिया है."
इसके साथ ही मौलाना मदनी ने कहा,"मैंने लोगों के चेहरों पर निराशा देखी है. मुसलमानों के साथ सरकार का तिरस्कारपूर्ण व्यवहार, उनके घरों को तोड़ना और उन्हें संदिग्ध बताना और भी ज़्यादा दुखद है."
अपना रुख साफ करते हुए मौलाना मदनी ने कहा,"अगर कोई विदेशी है, तो उसे निर्वासित कर दो. हमें अवैध प्रवासियों से कोई सहानुभूति नहीं है. लेकिन भारतीय नागरिकों को निर्वासित नहीं किया जाना चाहिए. जहां भी ज़रूरी हो, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए."
मौलाना मदनी ने स्वतंत्रता संग्राम में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की सदियों पुरानी भूमिका और टू नेशन थ्योरी के विरोध को भी याद किया. इस मौके पर जमीयत नेता मौलाना मुहम्मद हकीमुद्दीन कासमी, मौलाना अब्दुल कादिर और मौलाना फ़ज़ल करीम मौजूद थे.