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बिहार चुनाव में Congress-RJD को क्यों मिली हार? मौलाना शहाबुद्दीन ने बताई बड़ी वजह

Maulana Shahabuddin Barelvi on Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन की ऐतिहासिक जीत और महागठबंधन की करारी हार को लेकर दावों, अटकलबाजी,  आरोपों प्रत्यारोप का दौर जारी है. इस बीच बरेली मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी ने बिहार चुनाव नतीजों को लेकर बड़ा दावा किया है. इस मौके पर उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधने से नहीं चूके.

 

मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी (फाइल फोटो)
मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी (फाइल फोटो)

Bareilly News Today: बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी की अगुवाई वाली NDA गठबंधन बंपर जीत ने पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. राज्य की 243 में से 202 सीटों पर जीत हासिल करने पर महागठबंधन और दूसरे विपक्षी दलों ने इसमें चुनाव आयोग की मिलीभगत का ओरप लगाया. वहीं, कई लोग महागठबंधन के महज 35 सीटों पर सिमटने पर मुसलमानों की नाराजगी और वोटों के धुव्रीकरण को वजह बता रहे हैं.  

चुनावी नतीजों के बाद आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का बड़ा बयान सामने आया है.  उन्होंने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी गठबंधन की जीत, जबकि कांग्रेस- आरजेडी की हार की एक अहम वजह मुस्लिम समाज का दो हिस्सों में बंट जाना है. शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के मुताबिक, सियासी दल अभी तक इस स्थिति को ठीक से समझ नहीं पाए हैं.

मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी ने बताया कि वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद पटना में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और सुन्नी सूफी (बरेलवी) उलेमा के बीच इफ्तार कार्यक्रम को लेकर दूरी बढ़ गई थी. उन्होंने बताया कि देवबंदी उलेमा ने मुख्यमंत्री आवास के इफ्तार का निमंत्रण ठुकरा दिया था, जबकि बरेलवी उलेमा बड़ी संख्या में शामिल हुए. इसके बाद बिहार सरकार ने बरेलवी नेतृत्व को अहम पद सौंपे और उन्हें साथ जोड़ लिया. 

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अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने दावा किया कि "बिहार के लगभग 60 फीसदी बरेलवी मुसलमानों ने नीतीश गठबंधन के समर्थन में वोट किया, जबकि देवबंदी मतदाता कांग्रेस गठबंधन की ओर झुक गए." आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के इस निष्कर्ष ने सियासी गलियों में नई बहस छेड़ दी है. 

पत्रिका में छपी खबर के मुताबिक, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 का जिक्र करते हुए मौलाना रजवी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले अखिलेश यादव बरेली आए थे और शहर के कई इलाकों में घूमे, लेकिन दरगाह आला हजरत पर हाजिरी लगाने नहीं पहुंचे. इसके चलते प्रदेश के बरेलवी तबके के मुसलमानों में नाराजगी देखी जा रही है.

मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी ने कहा कि "अखिलेश यादव जब भी सहारनपुर जाते हैं, दारुल उलूम देवबंद जरुर जाते हैं और लखनऊ के नदवा भी हर साल पहुंचते हैं, लेकिन आज तक दरगाह आला हजरत नहीं आए." शहाबुद्दीन बरेलवी के मुताबिक, करीब 60 फीसदी सुन्नी बरेलवी आबादी को नजरअंदाज करना सपा के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. उन्होंने आगे कहा कि किसी भी जमात के लिए बरेलवी समाज की अनदेखी सियासी लिहाज से भारी पड़ सकती है.

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