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Uttar Pradesh News: दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में मदरसों और उनमें पढ़ाने वाले मौलानाओं और बच्चों की जानकारी मांगी थी. साथ ही जांच एजेंसी ATS द्वारा जांच कराने की बात कही गई थी. इस आदेश के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने विरोध व्यक्त किया है.
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि मदरसे अल्पसंख्यक विभाग के अंडर काम कर रहे हैं, इनकी अलग-अलग सालों में तीन बार जांच कराई जा चुकी है, अब फिर चौथी बार ATS से जांच कराने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी मदरसे अल्पसंख्यक विभाग और मदरसा एजूकेशन बोर्ड के तहत चल रहें हैं, ATS अपराध संबंधी मामलों में जांच करती है, शिक्षा के मामलों में नहीं. उन्होंने आगे कहा कि अगर सरकार को जांच करानी है, तो अल्पसंख्यक विभाग द्वारा कराई जाए, हम जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है.
मौलाना ने पूछे महंत राजूदास से तीखे सवाल
मौलाना शहाबुद्दीन ने माहंत राजूदास के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत एक बार वर्ष 1947 में बंट चुका है, अब दोबारा बटवारे की बात करना समाज और देश को नुकसान पहुंचाने वाली बात है. उन्होंने कहा कि माहंत राजूदास जी एक जिम्मेदार और धार्मिक व्यक्ति हैं, इनको इस तरह की बात नहीं कहनी चाहिए.
मुसलमानों को भारत से निकालने की बात पर भड़के मौलाना शहाबुद्दीन
मौलाना शहाबुद्दीन ने महंत राजूदास जी से सवाल पूछते हुए कहा कि अगर आप मुसलमानों को देश से बाहर भेजने की बात कर रहे हैं, तो उन्हें कौन से देश में भेजा जाएगा? उन्होंने आगे कहा कि भारत में मुस्लिमों की आबादी 30 करोड़ है, इतनी बड़ी संख्या को कोई भी देश कबूल नहीं करेगा, फिर अखंड भारत का सपना कैसे पूरा हो सकता है?