Mazar demolished: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रूड़की में सलेमपुर राजपुताना में एक मंदिर के पास बने अवैध मजार को तोड़ दिया गया. कहा गया कि इससे मंदिर की पवित्रता और सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी. प्रदेश में अभी तक 500 से ज्यादा अवैध मजारों को तोड़ दिया गया है.
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नई दिल्ली: उत्तराखंड में अवैध अतिक्रमण और धार्मिक स्थलों के पास बनी कथित अवैध संरचनाओं के खिलाफ प्रशासन की मुहिम लगातार जारी है.बुधवार को हरिद्वार जिले के रुड़की इलाके के सलेमपुर राजपुताना में एक मंदिर के नज़दीक बनी एक कथित अवैध मजार को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है.उत्तराखंड सरकार के दावे के मुताबिक प्रदेश में अभी तक 500 से ज्यादा अवैध मजारों को तोड़ दिया गया है. हालांकि, मुसलमानों का दावा है कि इसमें कई मजार ऐसे भी तोड़े गए हैं, जिनका सदियों पुरानी तारीख और रिवायत रही है.
मकामी बाशिंदों के मुताबिक, सलेमपुर राजपुताना इलाके में वाके एक मंदिर के पास कुछ साल पहले इस नाम निहाद अवैध मजार की तामीर कर ली गई थी. जैसे-जैसे इस इलाके में हिन्दुओं की आबादी बढ़ी, स्थानीय निवासियों ने इस मज़ार को लेकर ऐतराज करना शुरू कर दिया. मकामी लोगों का इल्ज़ाम है कि इस गैर- कानूनी संरचना से न सिर्फ राहगीरों को रास्ता चलने में दिक्कत हो रही है, बल्कि मंदिर की पवित्रता और सुरक्षा के लिहाज से भी ये ठीक नहीं है. इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे गए थे.
नोटिस की सीमा ख़त्म होने पर एक्शन
जिला प्रशासन ने इस मामले में करीब दो सप्ताह पहले मजार पर नोटिस चस्पा किया था.प्रशासन ने मुताल्लिक फरीक को अपनी पक्ष रखने का वक़्त दिया था , लेकिन लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी कोई तसल्लीबख्श जवाब या दस्तावेज पेश नहीं किए गए. जवाब न मिलने पर बुधवार को इंतजामिया ने भारी पुलिस फ़ोर्स की मौजूदगी में मकामी लोगों की मदद से इस मज़ार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. मुसलमानों की तरफ से इसमें कोई विरोध नहीं हुआ. इस मामले में मुस्लिम पक्ष का कोई बयान भी नहीं आया है.
काली सेना मजारों को ध्वस्त करेगी
वहीँ, दूसरी जानिब देवभूमि काली सेना के अध्यक्ष भूपेश जोशी का कहना है कि प्रदेश में मजार तोड़ने का काम काली सेना के कार्यकर्ता करते रहेंगे.
सरकारी जमीनों पर बनी अवैध तरीके से मजारों को तोड़ा जाएगा चाहे जहां भी मजार बनी है. उसे ध्वस्त कर दिया जाएगा, कोई भी मजार नहीं छोड़ी जाएगी. इसके लिए देवभूमि काली सेना लगातार काम कर रही है. उनका कहना है कि अगर किसी को मजार बनानी है तो अपनी जमीन पर बनाए , मगर सरकारी जमीन पर कोई मजार नजर नहीं आनी चाहिए. अभी दो दिन पहले ही काली सेना के लोगों ने एक मजार को ध्वस्त कर दिया था. काली सेना का दावा है कि उनके लोग अभी तक कई मजारों को तोड़ चुके हैं.
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