)
Abdullah Residency: उत्तर प्रदेश के मेरठ में बन रहे अब्दुल्ला रेजीडेंसी पर बवाल खड़ा होने के बाद प्रशासन ने रेजीडेंसी के खिलाफ कार्रवाई की है. दरअसल, बीते दिनों उत्तर प्रेदश सरकार में ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर ने अब्दुल्ला रेजीडेंसी पर धार्मिक भेदभाव का इल्जाम लगाते हुए विवाद खड़ा कर दिया था. इस घटना के बाद प्रशासन ने रेडीजेंसी की जांच की, जांच में रेजीडेंसी की 300 मीटर जमीन को सरकारी कारा दिया गया. खबर है कि प्रशासन ने अब्दुल्ला रेजिडेंसी पर बुलडोजर कार्रवाई की है.
मेरठ के थाना नौचंदी क्षेत्र में है अब्दुल्ला रेजीडेंसी का निर्माण हो रहा है. इस रेजीडेंसी का निर्माण रिटायर्ड मेजर जनरल जावेद इक़बाल और नोएडा के महेंद्र गुप्ता करवा रहे हैं. भाजपा के मंत्री सोमेंद्र तोमर ने इसी रेजीडेंसी पर धार्मिक भेदभाव का इल्जाम लगाते हुए कहा था कि इस रेजीडेंसी में हिंदुओं की एंट्री नहीं है. साथ ही उन्होंने यह भी इल्जाम लगाया था कि इस रेजीडेंसी में हिंदू समुदाय के लोगों को फ्लैट नहीं बेचे जाते हैं.
इस पर मंत्री ने रेजीडेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. प्रशासन ने इस मामले की जांच की, जिसमें यह मालूम हुआ कि अब्दुल्ला रेजीडेंसी सरकार की 300 मीटर जमीन पर कब्जा करके बनाई जा रही है. अब तहसील MDA और पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए रेजीडेंसी के अवैध हिस्से पर बुलडोजर कार्रवाई की है. कार्रवाई के दौरान भारी तादाद में पुलिस बल की तैनाती की गई थी.
गौरतलब है कि अब्दुल्ला रेजीडेंसी के बिल्डर्स मेजर जनरल जावेद इक़बाल के भाई आबिद ने बीजेपी के मंत्री द्वारा लगाए गए सभी इल्जामों को सिरे से खारिज कर दिया. आबिद ने बताया कि रेजीडेंसी में फ्लैट लेने से किसी को नहीं रोका गया है, न ही ऐसा कोई प्रवधान बनाया गया है. उन्होंने कहा कि वे व्यापारी हैं और उन्हें जो पैसा देगा, उसे वे फ्लैट बेचेंगे. आबिद ने यह भी बताया कि रेजीडेंसी में सबसे ज्यादा हिंदू समुदाय के मजदूर ही काम करते हैं.
मुस्लिम माइनॉरिटी की ऐसी ही खबरों के लिए विजिट करें https://zeenews.india.com/hindi/zeesalaam