Meerut Row Over Muslim Family Buying House: कानून का पालन करने और आदर्श शहरी की तरह जिंदगी गुजारने के बावजूद इस समय यूपी मुसलमानों को हिंसा और अपमान का सामना करना पड़ रहा है. मेरठ के थापर नगर में कानूनी तरीके से घर खरीदने वाले सईद अहमद को विरोध के बीच अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है. तनाव लगातार बढ़ रहा है और परिवार डरा हुआ है. पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है.
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Meerut News Today: देश का सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में समुदाय विशेष के लोग असुरक्षि और असहाय नजर आ रहे हैं. दक्षिणपंथी संगठन लगातार विवादित और आपत्तिजनक बयानों के जरिये मुसलमानों के खिलाफ बहुसंख्यक समुदाय में नफर पैदा कर रहे हैं. शासन प्रशासन की कथित नरमी और दक्षिणपंथी संगठनों के प्रति झुकाव की वजह से वह अपने मंसूबों में कामयाब भी रहे हैं. हालिया दिनों मुसलमानों के साथ हुई घटनाओं ने दुनियाभर के लोगों की नजरें भारत और उत्तर प्रदेश सरकार पर टिकी हैं.
बीते दिनों मेरठ के थापर नगर थाना क्षेत्र में कानूनी तरीके से एक मुस्लिम परिवार के घर खरीदने पर हिंदूवादी संगठन लगातार हंगामा कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि मुस्लिम परिवार के जरिये खरीदी गया घर हिंदू बाहुल इलाके में हैं. इसको लेकर अब विवाद बढ़ता जा रहा है. इस मकान को हाल ही में मोहम्मद सईद अहमद नाम के शख्स ने खरीदा है. हिंदूवादी संगठनों के तांडव और प्रशासन की लापरवाही की वजह से पीड़ित सईद अहमद की तबियत बिगड़ गई थी, इसके बाद से वह अस्पताल में भर्ती हैं.
वर्तमान में मोहम्मद सईद अहमद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं. मोहम्मद सईद ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्होंने यह मकान खरीदने के लिए अपनी हर जमा पूंजी लगा दी. उन्होंने बैंक से कर्ज लिया, बीवी के जेवर बेच दिए और जब फिर भी पैसे कम पड़े तो अपने पुराने घर में जो हिस्सा मिला था, उसे भी बेच दिया.
हिंदूवादी संगठनों के लगातार विरोध और घर खरीदने के बावजूद बेघर सईद अहमद अपनी आपबीती सुनाते हुए भावुक हो गए. उन्होंने आगे कहा, "अगर अब मैं इस घर को वापस कर दूं तो अपने बच्चों के साथ कहां जाऊं?" सईद ने कहा, "हमने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए यह मकान खरीदा है. अब लोग कहते हैं यहां मत रहो. अब यहां न रहें तो कहां जाएं?" डॉक्टरों के मुताबिक, लगातार तीन दिनों से चल रहे विवाद और मानसिक तनाव की वजह से उनका ब्लड प्रेशर बार-बार बढ़ रहा है. उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा और कई जांच कराई गई है.
पीड़ित सईद अहमद ने इस घर को थापर नगर में रहने वाले नरेशा कालरा से पिछले महीने खरीदा है. नरेश कालरा और सईद में अच्छे संबंध हैं और दोनों ही दूध सप्लाई के कारोबार से जुड़े हैं. परिवारों में अच्छे रिश्ते होने की वजह से कालरा परिवार ने यह सईद अहमद को बेच दिया. 26 नवंबर को घर की रजिस्ट्री भी पूरी हो गई. बताया जा रहा है कि इस घर की रजिस्ट्री सईद की बीवी अफसाना नाम पर हुई है.
मोहम्मद सईद अहमद ने इस मकान के लिए कुल 1 करोड़ 56 लाख रुपये की रकम अदा की है. इसके अलावा उन्होंने रजिस्ट्री के दौरान 6 फीसदी स्टांप ड्यूटी के रूप में 6 लाख रुपये और करीब 1 लाख रुपये कोर्ट फीस जमा में अदा की है. इस तरह 7 लाख रुपये से ज्यादा महज रजिस्ट्री पर खर्च हुए. सईद अहमद का कहना है कि उन्होंने इस मकान के लिए अपनी जिंदगीभर की जमा-पूंजी लगा दी है.
इसकी जानकारी जैसे हिंदूवादी संगठनों को पता चली तो उन्होंने स्थानीय बहुसंख्यक समुदाय के लोगों का ब्रेनवाश कर सांप्रदायिक रंग दे दिया. सईद अहमद के धर्म की वजह से उन्होंने बड़े पैमाने पर विरोध शुरू कर दिया. विरोध करने वालों ने थाने तक पहुंचकर सईद अहमद को मकान वापस करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया. हंगामे के बाद प्रशासन ने सईद अहमद के परिवार से घर खाली करवाकर ताला लगा दिया.
'इंकलाब' में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद के तीसरे दिन इतवार को स्थिति और गंभीर हो गई. इलाके में मौजूद गुरुद्वारे के बाहर कुछ उपद्रवी तत्वों ने मांस फेंककर माहौल को भड़काने की कोशिश की. इसका आरोप उन्होंने सईद के परिवार पर मढ़ने की कोशिश की. हालांकि, पुलिस ने समय रहते हुए इसका पर्दाफाश करते हुए बड़ी अनहोनी को टाल दिया. इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और पुलिस ने एहतियातन इलाके में अलर्ट घोषित किया है.
हिंदूवादी संगठनों के हंगामे की वजह से सईद अहमद के घर की औरतों और परिवार में डर का माहौल है. बहुसंख्यक समुदाय के लोगों ने इस विवाद को एक सियासी स्टंट बताया है. उनका कहना है कि मुस्लिम शख्स के घर खरीदने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. बेवजह इस मामले को तूल दिया जा रहा है और सईद अहमद को परेशान किया जा रहा है.
सईद अहमद की बीवी अफसाना पति की तबियत बिगड़ने के बाद से काफी परेशान है. उनका परिवार डरा सहमा है. अफसाना ने बताया कि उन्होंने यह घर अपनी जिंदगीभर की कमाई से खरीदा है. इसके लिए घर से लेकर जेवर तक कई चीजों की कुर्बानी देनी पड़ी है, लेकिन कुछ लोग बेवजह माहौल बिगाड़ रहे हैं. उन्होंने पुलिस और प्रशासन परिवार को सुरक्षा देने की गुहार लगाई.
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