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Mehbooba Mufti on Article 370: जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने की सातवीं बरसी से ठीक पहले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने जम्मू-कश्मीर का स्पेशल दर्जा वापस पाने और राजनीतिक कैदियों की रिहाई के लिए लड़ने के अपनी पार्टी के संकल्प को दोहराया. विरोध प्रदर्शन और पार्टी की आगे की योजना के बारे में पत्रकारों से बात करते हुए महबूबा मुफ़्ती ने कहा, "PDP और हमारा समुदाय मिलकर लड़ेंगे. कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के साथ-साथ हम आर्टिकल 370 और 35A के मुद्दे और देश भर की अलग-अलग जेलों में बंद कैदियों की रिहाई के मुद्दे पर भी काम करेंगे."
PDP प्रमुख ने दावा किया कि ये संवैधानिक प्रावधान स्थानीय लोगों की जमीन और रोजगार के अधिकारों की रक्षा करते थे. उन्होंने आगे कहा, "अगर यह सरकार कहती है कि हालात सुधरे हैं, तो हम उनसे कहेंगे कि वे सेना को आम लोगों वाले इलाकों से हटाकर कैंपों में वापस भेजें. मुजफ़्फ़राबाद और रावलकोट सड़कों पर व्यापार फिर से शुरू करें, जो पहले खुले थे. कश्मीर के लोग दोनों तरफ परेशान हैं. दो दिन पहले छत्तीसगढ़ के दो मज़दूरों की गोली मारकर हत्या कर दी गई और हज़ारों लोगों को 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' के नाम पर जेल में डाला जा रहा है."
आर्टिकल 370 को लेकर महबूबा ने क्या कहा?
महबूबा ने कहा कि आर्टिकल 370 सिर्फ़ एक संवैधानिक प्रावधान नहीं था, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों की पहचान और अधिकारों का प्रतीक था. उन्होंने कहा कि "आर्टिकल 370 सिर्फ़ एक आर्टिकल नहीं था. यह हमारी पहचान, हमारा सम्मान, हमारा गौरव और हमारी जमीन और नौकरियों की सुरक्षा थी. उन्होंने हमें पूरी तरह से बेकार बना दिया है. लेकिन यह दिन हमेशा नहीं रहेगा. यह एक अंधेरी रात है क्योंकि एक साजिश रची गई थी और संसद में भारी बहुमत का इस्तेमाल करके भारत के संविधान को बदल दिया गया." उन्होंने आगे कहा, "हमें जो कुछ भी मिला था, वह इस देश के संविधान से मिला था, न कि चीन या पाकिस्तान से. हमने प्यार और कुछ शर्तों के साथ भारत के साथ जुड़ने का फ़ैसला किया था, लेकिन सब कुछ बर्बाद हो गया."
बीजेपी पर साधा निशाना
बीजेपी पर निशाना साधते हुए महबूबा ने कहा, "जिस तरह बीजेपी ने राम मंदिर के नाम पर फ़ायदा उठाया, उसी तरह उन्होंने जम्मू-कश्मीर का स्पेशल स्टेटस भी छीन लिया. जैसे उन्हें उस काम के लिए सजा मिल रही है, वैसे ही उन्हें इसके लिए भी सज़ा मिलेगी." उन्होंने जम्मू-कश्मीर का स्पेशल स्टेटस बहाल करने की अपनी मांग दोहराते हुए कहा, "जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को सुलझाने के साथ-साथ आर्टिकल 370 और 35A को भी बहाल करना होगा." प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा, "हम आज रात यहीं रुकेंगे और कल विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे. साथ ही, पूरे देश को यह संदेश देंगे कि जम्मू-कश्मीर के लोग ज़िंदा हैं और आर्टिकल 370 हमारा अधिकार है."
विधायक सज्जाद शाहीन ने की बड़ी डिमांड
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक सज्जाद शाहीन ने भी जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की और कहा कि इस केंद्र शासित प्रदेश के लोगों के साथ अन्याय हुआ है. आर्टिकल 370 हटाए जाने की बरसी से ठीक पहले शाहीन ने कहा, "जम्मू-कश्मीर के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया. जिस राज्य को देश का ताज कहा जाता है, उसका दर्जा घटाकर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया." उन्होंने आगे कहा, "भारत सरकार को सदन में किए गए उस वादे को पूरा करना चाहिए जिसमें जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की बात कही गई थी. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में भी हलफ़नामा देकर राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया है. उस वादे को पूरा किया जाना चाहिए."