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Delhi News Today: दक्षिणपंथी और हिंदूवादी संगठन लगातार विवाद खड़ा कर भारत के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को निशाना बना रहे हैं. खासकर उन जगहों पर जहां दक्षिणपंथी विचारधारा वाली सरकारें हैं. बीते दिनों राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला के सामने आतंकी ने कार में विस्फोट कर देश के अमन चैन को खराब करने की कोशिश की है. इसका मुस्लिम समुदाय के साथ के सभी धर्म और संप्रदाय के लोगों ने पुरजोर विरोध किया.
इस आतंकी घटना में शामिल आतंकियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है. इसी कड़ी में सोमवार (1 दिसंबर) को दिल्ली के महरौली शरीफ दरगाह से एक बेहद कड़ा संदेश दिया गया. यहां मौजूद लोगों ने साफ कहा कि इस्लाम बेगुनाहों की हत्या करने की इजाजत नहीं देता है और ऐसान करने वालों के लिए समाज में कहीं कोई जगह नहीं है. इसलिए आतंकवादियों को कब्रिस्तान में जगह बिल्कुल नहीं दी जाएगी.
दरगाह के लोगों ने जोरदार तरीके से 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे लगाए और देश की सुरक्षा के लिए अपनी वफादारी का खुलकर इजहार किया. लाल किला बम ब्लास्ट में मारे गए बेगुनाह लोगों के लिए महरौली शरीफ दरगाह में मुस्लिम समुयाद के लोगों ने दुआ की. इस मौके पर हाथों में बैनर लिए कई लोग जुटे और आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश देते दिखे. उनके नारों में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा और आतंकियों के प्रति गहरी नफरत साफ झलक रही थी.
इस मौके पर लोगों के हाथ में बैनर और पोस्टर दिखाई पड़ा. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आतंकियों की कड़ी निंदा करते हुए आतंक को पनाह देने वाले मुल्क के खिलाफ जोरशोर से 'पाकिस्तान-मुर्दाबाद, मुर्दाबाद' के नारे लगाए. इस विरोध में शामिल जिम्मेदार लोगों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि एक सच्चा मुसलमान कभी भी दहशत फैलाने वालों का साथ नहीं देता, ऐसे लोगों को ना इंसानियत में जगह है न ही कब्रिस्तान में.
दरगाह के लोगों ने कहा कि लाल किले पर हुए धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया है. इस घटना में जो लोग बेगुनाह मारे गए, उनके लिए अल्लाह पाक से दुआ की गई. साथ ही यह भी एलान किया गया कि कब्रिस्तान में आतंकियों की दफनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम अमन, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम देता है, ऐसे में आतंकवाद जैसे कृत्यों को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता.