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Mewat News: पंजाब में बाढ़ के बाद अब जम्मू-कश्मीर भारी बारिश से हुई त्रासदी से मुतास्सिर है. ऐसे में मेवातवासियों ने धर्म की परवाह किए बिना, लैडस्लाइड और दूसरे नेचुरल डिज़ास्टर से मुतास्सिर हज़ारों लोगों की मदद की है. मेवात के निवासियों ने राहत के कामों को तेज़ करने के लिए जम्मू शहर के भटिंडी में एक कैंप लगाया है.
मेवात राहत अभियान के प्रमुख मौलाना साबिर कासमी के मार्गदर्शन में, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुसलमान भी राहत के कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. इस मामले में, सामाजिक नेता मौलाना साबिर कासमी ने कहा कि मेवात के लोग पहले पंजाब, फिर हिमाचल और अब जम्मू-कश्मीर के प्रभावित इलाकों में पहुंचकर और बिना किसी धर्म-भेदभाव के दूरदराज के इलाकों में ज़रूरतमंदों की मदद करके मानवता की मिसाल कायम कर रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर के गुज्जर समुदाय के धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक नेताओं ने मौलाना कासमी से मुलाकात की और मेवात की इस मानवीय सेवा की सराहना की. बता दें, मेवात से अलग-अलग लोगों ने पंजाब बाढ़ में भी लोगों की काफी मदद की थी.
देश भर के मुसलमान बाढ़ की वजह से मुतास्सिर इलाकों में मदद पहुंचाने का काम कर रहे हैं. पंजाब में भी देश के अलग-अलग मुस्लिम संगठनों, मदरसों और गावों से मदद पहुंची है. हाल ये हो गए थे कि लोग सरकार की तनकीद करने थे कि जो काम सरकार का है वह मुस्लिम समाज आगे बढ़ चढ़कर कर रहा है.
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