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Irfan Ansari on Afatab Ansari Case: झारखंड के रामगढ़ में थाने से फरार हुए आफताब अंसारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इस घटना के पीछे "हिंदू टास्क फोर्स" का हाथ बताया गया, जिसके बाद रामगढ़ की राजनीति तेज़ हो गई और मुस्लिम पक्ष के लोग इस घटना को लेकर आक्रामक हो गए. लोगों का आरोप था कि आफताब की मॉब लिंचिंग हुई है. अब इस मामले को लेकर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने ऐसा बयान दिया है, जिससे राज्य में हंगामा मच गया है.
आफताब अंसारी की संदिग्ध मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जब तक "हिंदू टास्क फोर्स" के सभी सदस्यों को जेल नहीं भेज दिया जाता, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे. उन्होंने इसे एक गहरी साजिश बताते हुए आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं राज्य में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश हैं, जिसकी साजिश बीजेपी समर्थित बाहरी तत्वों द्वारा रची जा रही है.
मंत्री अंसारी ने मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की और ऐलान किया कि अल्पसंख्यकों, आदिवासियों, दलितों और पिछड़े वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मानसून सत्र में एक सख्त कानून लाया जाएगा. उन्होंने कहा कि समाज में भय और नफरत का माहौल पैदा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि एक आदिवासी लड़की ने आफताब अंसारी पर यौन शोषण का आरोप लगाया था. पुलिस ने आफताब को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था, लेकिन वह वहां से भाग गया और बाद में उसका शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक तालाब में मिला. इस घटना से स्थानीय स्तर पर तनाव पैदा हो गया है.
मंत्री ने क्या कहा?
मंत्री ने पूरे मामले को एक साज़िश करार देते हुए कहा कि कुछ कट्टरपंथी संगठन और राजनीतिक दल राज्य के सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि ऐसे तत्वों को कानून के शिकंजे में डाला जाएगा.
इरफान अंसारी का बीजेपी पर बड़ा हमला
इरफ़ान अंसारी के इस बयान की विपक्षी दलों ने तीखी आलोचना की है. बीजेपी नेताओं ने इसे समाज में फूट डालने वाला बताया है और राज्य सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है. साथ ही, मंत्री अंसारी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.