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Budget for Minorities: भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज आम बजट पेश करेंगी. वह साल 2019 में भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनी थीं. जब केंद्र में भाजपा सरकार बनी थी उसके बाद से निर्मला सीतारमण 7 बजट पेश कर चुकी हैं. आज वह एक बार फिर बजट पेश करेंगी. इस खबर में हम आपको बताएंगे कि माइनॉरिटीज को इस आम बजट से क्या उम्मीदें हैं.
पिछले साल के मुकाबले 2024-25 में मिला ज्यादा बजट
वित्त मंत्री ने पिछला बजट पेश किया था. इस बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए साल 2023-24 के मुकाबले में साल 2024-25 के लिए बजट बढ़ा दिया गया था. साल 2023-24 में जहां अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को 2,608.93 करोड़ रुपए आवंटित गए थे, वहीं साल 2024-25 के लिए 3,183.24 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे. ये रकम पिछले बजट के मुकाबले 574.31 करोड़ रुपये ज्यादा रहा. ऐसे में अल्पसंख्यक उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार उनके लिए बजट में और अजाफा किया जाएगा.
अल्पसंख्यकों को ज्यादा बजट की उम्मीद
पिछला बजट तब पेश किया गया जब पीएम मोदी तीसरी बार केंद्र की सत्ता पर काबिज हुए थे. अफिशियल दस्तावेजों के मुताबिक, 2023-24 में मंत्रालय के लिए बजट आवंटन 3,097.60 करोड़ रुपये था, लेकिन संशोधित अनुमान 2,608.93 करोड़ रुपये हुआ. लेकिन साल 2024-25 में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए 3,183.24 करोड़ रुपये बजट आवंटित किया गया. इस बजट में 1,575.72 करोड़ रुपये तालीम को बेहतर बनाने के लिए आवंटित थे. इस बार भी अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों को उम्मीद है कि तालीम की बेहतरी के लिए बजट में इजाफा किया जाएगा.
अल्पसंख्यों के वजीफे के लिए 1471.54 करोड़
पिछले साल बजट में अल्पसंख्यकों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 326.16 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यकों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 1,145.38 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया. मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं/परियोजनाओं के लिए कुल 2,120.72 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया. मंत्रालय के जरूरी प्रोग्रामों में से एक 'प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम' के लिए 2024-25 में 910.90 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. इस बार के बजट से मुसलमान उम्मीद लगा रहे हैं कि अल्पसंख्यों के लिए जो बजट दिया जाए उसमें उनके तालीम के खर्च का ख्याल रखा जाए.