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West Bengal News Today: भारत में हालिया दिनों दक्षिणपंथी विचारधारा वाली पार्टियों के नेताओं के भड़काऊ और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली बयानबाजी को लेकर दुनियाभर में विरोध देखने को मिला है. आलम यह है कि अब वे नेता भी भड़काऊ बयानबाजी से देने से बाज नहीं आते हैं, जो कभी सेक्यूलर और गंगा जमुनी तहजीब को बढ़ावा देने का ढिंढोरा पीटते थे.
यह नजारा पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक सम्मेलन में देखने को मिला. पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में आयोजित बीजेपी की जिला कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान नेता और मशहूर एक्टर मिथुन चक्रवर्ती ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर करारा हमला बोला. उन्होंने एसआईआर (SIR) को लेकर तृणमूल के रुख पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि "TMC लोगों को डराने की सियासत कर रही है और झूठ फैलाकर जनता को गुमराह कर रही है."
हावड़ा मैदान के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में मिथुन चक्रवर्ती ने कहा कि "चुनाव आयोग ने कहीं नहीं कहा कि हिंदुओं को वोट देने से रोका जाएगा या भारतीय मुसलमानों को वोट का अधिकार नहीं मिलेगा. इसके बावजूद TMC नेता सड़कों पर क्यों उतर रहे हैं? क्या वे विदेशी लोगों के लिए विरोध कर रहे हैं?" मिथुन ने तृणमूल नेताओं से सवाल किया कि "क्या वे पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों के अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे हैं?"
बीजेपी नेता मिथुन ने कहा कि "अगर पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश के हिंदू भारत आते हैं, तो उन्हें वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए क्योंकि वे धार्मिक रूप से शरणार्थी हैं. इसी तरह भारतीय मुसलमानों को भी वोट देने का अधिकार है." उन्होंने आगे कहा, "विदेशी नागरिकों को यह अधिकार नहीं दिया जा सकता." मिथुन चक्रवर्ती का यह बयान कई तरह से सवाल खड़े करता है. विपक्षी दलों की मानें तो अगर पाकिस्तान से आए हिंदू देशी हैं तो फिर विदेशी कौन हैं. विपक्षी दलों का कहना है कि मिथुन दूसरे देश से आने वाले किन लोगों को विदेशी मानते हैं.
इस सभा के दौरान मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, "TMC जानबूझकर लोगों को डराने और भटकाने की कोशिश कर रही है ताकि वोट बैंक की सियासत की जा सके." मिथुन चक्रवर्ती ने कहा कि "यह अब हमारी जिंदगी और मौत की लड़ाई है. अगर हम सब एकजुट नहीं हुए, तो पश्चिम बंगाल बांग्लादेश में बदल जाएगा. राज्य में डर का ऐसा माहौल बना दिया गया है कि लोग आत्महत्या तक करने लगे हैं."
पत्रकारों के जरिये राज्य में आत्महत्या की घटनाओं पर सवाल किए जाने पर मिथुन चक्रवर्ती ने कहा कि "इन मौतों के पीछे टीएमसी की डर की सियासत है. उन्होंने ऐसा माहौल बना दिया है कि लोग डर और दहशत में जी रहे हैं." मिथुन ने सवाल किया कि "TMC को गैर-भारतीय मुसलमानों से इतनी हमदर्दी क्यों है? क्या बीजेपी एसआईआर लागू कर रही है? आखिर कोई भूत कितनी बार आकर वोट देगा?" मिथुन ने दावा किया कि उन्हें गैर-भारतीय मुसलमानों से कोई सहानुभूति नहीं है, क्योंकि यही लोग राज्य की जनसांख्यिकी को बदल रहे हैं.
इस भाषण के दौरान मिथुन चक्रवर्ती के निशाने पर अल्पसंख्यक रहे. मिथुन ने आरोप लगाया कि "पश्चिम बंगाल अब बांग्लादेशी मुसलमानों की पनाहगाह बन चुका है. ये लोग अवैध रूप से सीमा पार कर यहां रह रहे हैं और आराम से बस गए हैं, लेकिन कोई कुछ नहीं कह रहा है." मिथुन ने कहा कि "देश के दूसरे राज्यों में इस तरह नहीं होता है, लेकिन पश्चिम बंगाल में यह स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है."