)
Controversy on Bhopal Metro Route Under Graveyard: मध्य प्रदेश के भोपाल में कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो के रूट निकालने पर विवाद तेज हो गया है. वक़्फ़ बोर्ड और मुस्लिम समाज के लोग इस फैसले के मुखालफत कर रहे हैं. वहीं, इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी के विधायक रामेश्वर शर्मा ने विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि विरोध के नाम पर छाती पिटाना बंद करें. उन्होंने आगे कहा कि अगर वे (मुस्लिम समाज) सोच रहे हैं कि उनके विरोध करने से रूट बदल जाएगा तो ऐसा नहीं होगा. उन्होंने आगे कहा कि जिसको लगता है रूट बदलना चाहिए, वह प्रोजेक्ट की लागत दे दें, हम रूट बदल देंगे.
विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा किसी मस्जिद और कब्रिस्तान को अंडर ग्राउंड मेट्रो से दिक्कत नहीं होगी. उन्होंने दिल्ली की जामा मस्जिद का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली में भी जामा मस्जिद के नीचे से मेट्रो रूट निकला है, वहां तो कोई परेशानी नहीं है. उन्होंने तर्क दिया कि कोई भी कब्रिस्तान पांच-दस फीट गहरा होगा लेकिन मेट्रो रूट तो जमीन के बीस-तीस फीट नीचे से जाएगी. उन्होंने कहा कि जो समझदार मुस्लिम हैं, वे सच्चाई जानते हैं.
वहीं, दूसरी ओर हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि अगर कब्रिस्तान और अन्य धर्मस्थल विकास कार्य में बाधक हैं और उन्हें नहीं हटाया जा रहा तो हिंदू धर्म स्थलों को भी हटाने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिस तरह कब्रिस्तान को लेकर मुस्लिम समाज और उनके विधायक बाधक बन रहे हैं, उससे लग रहा है कि शायद सिर्फ हिंदू धर्मस्थलों को हटाने के लिए प्रशासन में बैठे अधिकारी तत्परता दिखाते हैं, लेकिन अन्य धर्म स्थलों के नाम पर उनके हाथ-पैर फूल जाते हैं.
चंद्रशेखर तिवारी ने यह भी कहा कि अगर विकास कार्य में बाधक बन रहे धर्मस्थलों को समुदाय के मुताबिक गिना जाएगा तो इसे हिंदू उत्सव समिति बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने आगे सवाल पूछते हुए कहा कि क्या विधायक आरिफ मियां तय करेंगे कि भोपाल में मेट्रो की जरूरत है या नहीं है? उन्होंने कहा कि यह विकास कार्य शासन तय करता है और हिंदू समाज हमेशा से प्रशासन के साथ सहयोगी भूमिका निभाकर विकास कार्य में अपना सहयोग प्रदान करता है. लेकिन अगर सिर्फ हिंदू समाज के धार्मिक स्थलों को हटाया जाएगा तो यह सही नहीं होगा और इनको हिंदू उत्सव समिति हटाने नहीं देगी.