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MLA Sangram Jagtap controversy: नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के नेता और महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से विधायक संग्राम जगताप ने दिवाली के अवसर पर मुस्लिम समाज का आर्थिक बहिष्कार करने की अपील की है. उन्होंने हिंदू समाज से अपील करते हुए कहा कि इस दिवाली के अवसर पर सिर्फ हिंदू दुकानदारों से ही सामान खरीदें. यानी विधायक संग्राम जगताप ने अप्रत्यक्ष रूप से मुस्लिम दुकानदारों से सामान नहीं लेने की अपील की.
इस बयान के बाद विवाद बढ़ गया है. नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख अजित पवार ने बीते शनिवार को विधायक संग्राम जगताप को इस बयान पर नोटिस जारी करके जवाब मांगा है. उन्होंने कहा कि यह बयान पार्टी को स्वीकार्य नहीं है. नोटिस जारी होने के एक दिन बाद रविवार (12 अक्टूबर) को आरोपी विधायक संग्राम जगताप ने अपने विवादित बयान का बचाव किया और कहा कि मुस्लिम नेताओं द्वारा पहले इसी प्रकार के बयान दिए गए थे, उन बयानों के जवाब में यह बयान दिया गया था.
अहिल्यानगर में एक रैली को संबोधित करते हुए विधायक संग्राम जगताप ने कहा कि दो दिन पहले मैंने जो बयान दिया था, उसके पीछे एक वजह है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अपील की शुरुआत कुछ मुस्लिम नेताओं की तरफ से की गई. विधायक जगताप ने कहा कि पिछले कुछ सालों से कुछ मुस्लिम नेता मुसलमानों से ईद के दौरान सिर्फ अपने ही समुदाय से खरीदारी करने का आग्रह करते हुए पर्चे बाँट रहे हैं.
विधायक संग्राम जगताप ने कहा कि वह इस प्रकार की अपील को नजरअंदाज कर रहे थे, ताकि समाज में कड़वाहट नहीं पैदा हो. जगताप ने दावा किया कि उन्होंने कुछ मुस्लिम नेताओं से मुलाकात की और उन्हें हर ईद में अपने समाज से खरीदारी करने वाले पर्चे बाँटना बंद करने के लिए कहा. जगताप ने यह भी दावा किया कि बार-बार आग्रह करने के बावजूद यह नहीं रुका और इसीलिए मैंने यह अपील की.