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VHP के 'धर्म देखकर डॉक्टर चुनो' की अपील पर ST Hasan का तंज, बोले- 'ये इलाज नहीं, बीमारी हैं'

S. T. Hasan on VHP Controversial Statement: वीएचपी ने एक बार फिर विवादित अपील देश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की. इस सपा के सीनियर नेता डॉ. एस. टी. हसन ने सख्ती से विरोध जताया है. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को धर्म से जोड़ना समाज के लिए खतरनाक है. उन्होंने चेतावनी कि ऐसा करने समाज का सौहार्द बिगड़ेगा. वीएचपी हर मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करती है. 

 

सपा नेता और मुरादाबाद के पूर्व सांसद एस टी हसन
सपा नेता और मुरादाबाद के पूर्व सांसद एस टी हसन

Uttar Pradesh News Today: देश में लगातार हिंदूवादी संगठन सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. धार्मिक त्योहारों, मु्स्लिम दुकानदानों से खरीदारी न करने को लेकर लगातार मुहिम चला रहे हैं. वहीं, अब विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने डॉक्टरों को धर्म में बांटना शुरू कर दिया. VHP ने बहुसंख्यक समुदाय के लोगों से नेम प्लेट देखकर सिर्फ हिंदु डॉक्टरों से इलाज कराने को कहा है. 

VHP की इस विवादित और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली अपील का सभी धर्म के लोगों ने पुरजोर विरोध करना शुरू कर दिया है. इस विवादित बयान पर समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता और पूर्व सांसद एस टी हसन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. एस टी हसन ने कहा कि यह लोग हर मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करते रहते हैं. 

'मरीजों के इलाज में धर्म नहीं देखते'

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समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद और पेशे से डॉक्टर डॉ. एस टी हसन ने कहा कि "ऐसे लोग हर मुद्दे में अलग से एंगल निकालकर सांप्रदायिकता फैला रहे हैं. यह लोग लगातार समाज में जहर घोलने का काम कर रहे हैं." उन्होंने कहा, "हम मरीज में कभी हिंदू-मुसलमान नहीं देखते हैं. मरीज का बेहतर ढंग से इलाज करना हमारा ईमान है."

डॉ. हसन ने यह भी कहा कि अगर कुछ डॉक्टर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हों और यह अदालत में साबित हो जाए, तो उन्हें सजा-ए मौत मिलनी चाहिए. उन्होंने आगे, "अगर चंद डॉक्टर आतंकवादी गतिविधि में शामिल हैं. अगर यह कोर्ट में साबित हो जाता है तो उनको फांसी दी जाए. अगर मुसलमान ने सोच लिया हिंदू डॉक्टर के नहीं जाना और हिंदू ने सोच लिया मुस्लिम के यहां नहीं जाना तो डॉक्टरों का खास तौर से हिंदू डॉक्टर का क्या हश्र होगा?"

'मरीजों में 80 फीसदी होते हैं मुसलमान'

पूर्व सांसद ने आगे बताया कि "80 फीसदी मरीज मुस्लिम लोग हैं, क्योंकि गरीब कौम है. अक्सर गरीबों में ही ज्यादातर बीमारियां पाई जाती हैं." उन्होंने कहा कि "डॉक्टरों का काम मरीजों की जान बचाना है, न कि धर्म देखकर भेदभाव करना. हम जब भी मरीज का इलाज करते हैं तो कभी नहीं सोचते ये हिंदू है या मुसलमान बल्कि उसकी जान बचाने की बात होती है."

VHP पर निशाना साधते हुए डॉ. हसन ने आरोप लगाया, "वीएचपी का यही काम है कि कैसे हिंदू-मुस्लिम किया जाए. यह लोग हर मामले में यह एंगल निकाल कर सांप्रदायिकता फैलाने की कोशिश करते हैं." उन्होंने कहा कि "वीएचपी को देश और देश के सौहार्द से कोई मतलब नहीं और यही लोग जंग-ए-आजादी की जंग के दौरान अंग्रेजों के साथ रहे."

डॉ. हसन ने कहा कि अगर डॉक्टरों में से कुछ पर गंभीर आरोप सिद्ध भी होते हैं, तो अदालत में फैसला आने तक उन्हें सार्वजनिक तौर पर आक्रामक बयान देकर बदनाम नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "एक तो वो डॉक्टर ऊपर से वो ऐसा जघन्य काम कर रहे हैं. वीएचपी को ना हालात से मतलब ना ही देश और देश के सौहार्द से कोई मतलब है."

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