)
Maulana Mehmood Madani on Jihad: जमीअत उलेमा-ए-हिंद (JUH) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के हालिया बयानों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के बाबरी मस्जिद, ट्रिपल तलाक सहित कई मामलों के फैसलों पर सवाल उठाए और यह आरोप लगाया कि अदालत सरकार के दबाव में काम कर रही है। इसके अलावा उन्होंने 'जिहाद' और 'घर वापसी' जैसे मुद्दों पर भी तीखी टिप्पणी की, जिसके बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
मौलाना महमूद मदनी, जमीअत उलेमा-ए-हिंद के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. वे आज़ादी के आंदोलन में शामिल प्रमुख उलेमा मौलाना सैयद हुसैन अहमद मदनी के पोते हैं. शनिवार को एक बयान में मदनी ने आरोप लगाया कि देश की सर्वोच्च अदालत पिछले कुछ सालों से केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रही है.
उन्होंने कहा,"बाबरी मस्जिद, ट्रिपल तलाक और कई अन्य मामलों के फैसलों के बाद ऐसा लगता है कि अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही हैं. सुप्रीम कोर्ट तभी ‘सुप्रीम’ कहलाने के काबिल है जब वह संविधान और कानून के अनुसार चले. अगर ऐसा नहीं है, तो उसे 'सुप्रीम' कहलाने का हक नहीं."
#WATCH | Bhopal, MP: Jamiat Ulama-i-Hind president, Maulana Mahmood Madani says, "Enemies of Islam and Muslims have made 'jihad' a synonym of abuse, conflict and violence. Terms like Love jihad, Land jihad, 'Taleem' Jihad, 'Thook' Jihad are used to insult the faith of Muslims. It… pic.twitter.com/NKNOO74WZ6
— ANI (@ANI) November 29, 2025
मदनी ने 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद', 'तालीम जिहाद', 'थूक जिहाद' जैसे शब्दों के बढ़ते इस्तेमाल पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा,"इस्लाम और मुसलमानों के दुश्मनों ने जिहाद को गाली, टकराव और हिंसा का पर्याय बना दिया है. क़ुरान में 'जिहाद' कई मायनों में आया है. फर्ज़ अदा करना, समाज और इंसानियत की भलाई. युद्ध के संदर्भ में भी यह ज़ुल्म और हिंसा को खत्म करने के लिए इस्तेमाल हुआ है. इसलिए जब-जब ज़ुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा."
मदनी ने कहा कि धर्मांतरण कानून लोगों के संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को कमजोर करता है, जबकि घर वापसी के नाम पर धर्म परिवर्तन करने वालों को खुली छूट दी जाती है.
उन्होंने कहा,"यह कानून ऐसे इस्तेमाल हो रहा है कि कोई अपने धर्म का पालन भी डर और सज़ा के बिना नहीं कर सकता. लेकिन घर वापसी करने वालों से कोई सवाल नहीं पूछा जाता, न ही उन पर कार्रवाई होती है."
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा है कि दुनिया में अगर कोई जगह है जहां मुस्लिम समुदाय सबसे सुरक्षित है, तो वह भारत है. VHP प्रवक्ता विनोद बंसल ने दावा किया कि मदनी के बयान से पूरा मुस्लिम समुदाय जिहादी दिखाने की कोशिश होती है. उन्होंने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठा रहे हैं- क्या वह अदालत को सर्टिफिकेट देंगे कि वह 'सुप्रीम' है?"
#WATCH | Bhopal, MP: Jamiat Ulama-i-Hind president, Maulana Mahmood Madani says, "Enemies of Islam and Muslims have made 'jihad' a synonym of abuse, conflict and violence. Terms like Love jihad, Land jihad, 'Taleem' Jihad, 'Thook' Jihad are used to insult the faith of Muslims. It… pic.twitter.com/NKNOO74WZ6
— ANI (@ANI) November 29, 2025
बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि जब तक ज़ुल्म रहेगा, जिहाद रहेगा- इस बात से असहमत होना मुश्किल है. क़ुरान के हिसाब से अगर कोई कमजोर या गरीब व्यक्ति भी ज़ुल्म का शिकार हो रहा है, तो आवाज उठाना जरूरी है, और यही जिहाद है. हालांकि मदनी का सार्वजनिक बयान उन धार्मिक ग्रंथों से मेल नहीं खाता, जिन्हें उनकी संस्था मानती है."