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Mumbai College Legal Notice: मंगलवार को कल्याण के आइडियल कॉलेज को एक लीगल नोटिस भेजा गया है. यह नोटिस उस घटना से जुड़ा है, जिसमें विहिप और बजरंग दल के मेंबर्स ने तीन मुस्लिम फार्मेसी छात्रों को एक खाली क्लासरूम में नमाज़ पढ़ने पर माफ़ी मांगने के लिए मजबूर किया था.
हाई कोर्ट के अधिवक्ता फैयाज शेख की ओर से भेजे गए इस नोटिस में मांग की गई है कि उन लोगों की पहचान की जाए जिन्होंने छात्रों से माफ़ी मंगवाई और यह भी जांच हो कि बाहरी लोग कॉलेज परिसर में कैसे घुस गए.
लीगल नोटिस में कहा गया है कि कॉलेज के छात्रों पर किसी भी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई केवल कॉलेज प्रशासन ही कर सकता है. नोटिस में मांग की गई है कि कॉलेज यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में कोई छात्र इस तरह की अपमानजनक स्थिति का सामना न करे. नोटिस में यह भी कहा गया है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए और घटना से जुड़े सभी CCTV फुटेज को सुरक्षित रखा जाए.
साथ ही, कॉलेज से धार्मिक निष्पक्षता सुनिश्चित करने वाला एक सर्कुलर जारी करने की मांग भी की गई है. नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि इन मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो हस्ताक्षरकर्ता अदालत का रुख करेंगे. नोटिस पर हस्ताक्षर करने वालों में एडवोकेट अतीक अहमद खान, एडवोकेट नफीस खान और गोवंडी सिटिज़न्स वेलफेयर फोरम शामिल हैं.
फैयाज शेख ने कहा कि विहिप/बजरंग दल के मेंबर्स वीडियो वायरल करके, जिसमें वे "जय श्री राम" के नारे लगाते हैं और मुस्लिम छात्रों को माफ़ी मांगने पर मजबूर करते हैं, पूरे समुदाय में एक संदेश भेजा गया है. उन्होंने कहा, "इससे मुसलमानों में बेचैनी पैदा हुई है. अगर छात्रों ने कॉलेज की नीति का उल्लंघन किया था, तो प्रबंधन खुद कार्रवाई कर सकता था, इसे सार्वजनिक मुद्दा या राजनीतिक-धार्मिक मामला बनने की जरूरत नहीं थी."
22 नवंबर को तब विवाद बढ़ा जब तीन छात्रों द्वारा क्लासरूम में नमाज़ पढ़ने का वीडियो वायरल हुआ. इसके बाद बजरंग दल और विहिप के सदस्य कैंपस में घुस गए और छात्रों को ज़बरदस्ती माफ़ी मांगने पर मजबूर किया. दूसरे वायरल वीडियो में तीनों छात्र छत्रपति शिवाजी की मूर्ति के सामने खड़े दिखाई देते हैं, कान पकड़कर यह वादा करते हुए कि वे सार्वजनिक जगह पर कोई धार्मिक गतिविधि नहीं करेंगे. इसके बाद वीडियो में लोग जय श्री राम के नारे लगाते दिखते हैं.
कॉलेज मैनेजमेंट ने इन बाहरी लोगों से कहा कि कॉलेज परिसर में किसी भी धर्म से जुड़ी गतिविधि की अनुमति नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों का इरादा गलत नहीं था और उन्होंने प्रबंधन से भी माफ़ी मांग ली है. रिपोर्ट के अनुसार, विहिप और बजरंग दल के सदस्यों ने प्रबंधन से कहा कि वह छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करें.