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Mumbai News Today: महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ नेशनल कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के नेता नवाब मलिक को बड़ी राहत मिली है. मुंबई पुलिस ने यासमीन वानखेड़े के जरिये दायर मानहानि और कथित आपराधिक मामले में नवाब मलिक को क्लीन चिट दे दी है. यासमीन वानखेड़े, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े की बहन हैं.
दरअसल, हाल ही में अंधेरी की मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में अम्बोली पुलिस ने अपनी रिपोर्ट पेश की. इस रिपोर्ट में कहा गया कि जांच के दौरान नवाब मलिक के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं मिले हैं. यह रिपोर्ट यास्मीन वानखेड़े की शिकायत की जांच के बाद अदालत को सौंपी गई है. फिलहाल इस मामले पर एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने साफ कहा कि मामला इस समय कोर्ट में विचाराधीन है.
इससे पहले जनवरी 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अम्बोली पुलिस को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था. अब अदालत ने इस रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद उसे रिकॉर्ड पर ले लिया है और अगली सुनवाई तक आदेश को सुरक्षित रख लिया है.
इस मामले पर एनसीपी नेता नवाब मलिक ने अपने बयान में कहा कि उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया पोस्ट एक राजनीतिक प्रवक्ता के तौर पर उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा थीं. उन्होंने साफ किया कि उनकी यासमीन से कोई निजी दुश्मनी नहीं है. नवाब मलिक ने यह भी कहा कि वह औरतों का बहुत सम्मान करते हैं और कभी भी ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे किसी औरत का अपमान या बेइज्जती हुई हो.
बता दें, नवाब मलिक को समीर वानखेड़े की बहन यास्मीन वानखेड़े के जरिये दर्ज कराए गए मानहानि और अन्य आरोपों के मामले में मुंबई पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है. यह मामला पिछले चार साल से चल रहा था. साल 2021 में समीर वानखेड़े (जो उस समय एनसीबी के जोनल डायरेक्टर थे) ने नवाब मलिक के दामाद समीर खान को ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया था. इसके बाद मलिक लगातार समीर वानखेड़े और उनके परिवार पर आरोप लगाते रहे.
इसी दौरान यास्मीन वानखेड़े ने एनसीपी नेता नवाब मलिक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. यासमीन पेशे से वकील है. यास्मीन का आरोप था कि मलिक ने उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश की. उन्होंने दावा किया कि मलिक ने उन्हें 'लेडी डॉन' कहा है, साथ फर्जी चैट्स और तस्वीरें शेयर कीं और सोशल मीडिया से उनकी निजी तस्वीरें निकालकर अपमानजनक पोस्ट किए. उन्होंने यह भी कहा कि मलिक के बयानों से उनकी इमेज खराब हुई और इससे महिला के सम्मान को ठेस पहुंची है.
यासमीन ने अक्टूबर 2021 में ओशिवारा थाने और राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी. बाद में उन्होंने कोर्ट में भी मामला दायर किया. कई सुनवाई के बाद यह मामला बांद्रा की एमपी एमएलए कोर्ट तक पहुंच गया. जनवरी 2025 में कोर्ट ने पुलिस से जांच रिपोर्ट मांगी थी. अगस्त 2025 में पुलिस ने रिपोर्ट पेश की और कहा कि नवाब मलिक के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला.
इसके बाद पुलिस ने नवाब मलिक को क्लीन चिट दे दी. हालांकि, यासमीन इस रिपोर्ट को कोर्ट में चुनौती दे सकती हैं. वहीं, नवाब मलिक ने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि केस अभी कोर्ट में चल रहा है. यह विवाद 2021 के मुंबई क्रूज ड्रग्स केस से जुड़ा है, जिसमें शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान का नाम भी सामने आया था, जबकि नवाब मलिक के दामाद समीर खान की पिछले साल एक रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई.