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Zee SalaamIndian MuslimWest Bengal: छेड़छाड़, आगजनी और बमबारी! मुर्शिदाबाद में हिंसा का खौफनाक मंजर, सैकड़ों लोग घर छोड़ने को मजबूर

West Bengal: छेड़छाड़, आगजनी और बमबारी! मुर्शिदाबाद में हिंसा का खौफनाक मंजर, सैकड़ों लोग घर छोड़ने को मजबूर

पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में वक्फ कानून के खिलाफ पुरजोर विरोध हो रहा है. हालिया दिनों राज्य मुर्शिदाबाद में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी. हिंसा ग्रस्त क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

  • Murshibad Violence Latest News: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, इस दौरान कई हिंसा फैल गई. हिंसा से प्रभावित सैकड़ों लोगों ने भागीरथी नदी पार कर मालदा में शरण ली है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. स्थानीय प्रशासन ने दंगा प्रभावित परिवारों के लिए आश्रय और भोजन की व्यवस्था की है और उन्हें स्कूलों में शरण दी है. 
  • साथ ही मुर्शिदाबाद से नावों से आने वालों की सहायता के लिए नदी तट पर स्वयंसेवकों को तैनात किया है. मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले के सुती, धुलियान, जंगीपुर और शमशेरगंज समेत कई इलाकों में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए, जो सांप्रदायिक हिंसा में बदल गये. इसके की वजह से प्रभावित लोगों का पलायन शुरू हो गया. 
  • पीड़ितों ने बताए हालात
  • मीडिया में आई तस्वीरों में मुर्शिदाबाद के इन इलाकों में दुकानें, होटल और घर जलते हुए दिखाई दे रहे हैं. अपने परिवार के चार अन्य सदस्यों के साथ मुर्शिदाबाद से पलायन करने वाली एक युवती ने मीडिया को बताया, "हम धुलियान के मंदिरपाड़ा इलाके से इसलिए भागे क्योंकि हमारे घरों में आग लगा दी गई थी. महिलाओं और लड़कियों के साथ बाहरी लोगों के साथ कुछ स्थानीय लोगों के एक समूह ने छेड़छाड़ की थी."
  • महिला ने दावा किया, "उन्होंने बम फेंके, हमें तुरंत अपने घर छोड़ने के लिए कहा. उन्होंने हमारे घर के पुरुषों को पीटा. हम अपनी जान को लेकर डरे हुए थे और केंद्रीय बलों की मदद से अपने घरों से भागे." एक अन्य बुजुर्ग महिला ने कहा, "हमने हमलावरों से हाथ जोड़कर माफी मांगी, जबकि हमने कोई गलत काम नहीं किया था. हथियार लहराते हुए हमलावरों ने बहुत अत्याचार किए. मैं, मेरा बेटा, बहू और पोता अपना कुछ सामान लेकर भाग निकले. नहीं तो हम मारे जाते." 
  • पीड़ितों को स्कूलों में दी गई पनाह
  • देवनापुर-सोवापुर ग्राम पंचायत की प्रधान सुलेखा चौधरी ने बताया कि शुरू में कुछ लोग (हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद से) नावों में आ रहे थे, लेकिन शुक्रवार दोपहर से इस संख्या में वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा, "शनिवार रात तक आने वाले लोगों की संख्या 500 को पार कर गई, जिनमें से अधिकतर महिलाएं थीं." सुलेखा चौधरी ने बताया कि इन लोगों को इलाके के स्कूलों में आश्रय दिया गया है और उनके लिए भोजन की व्यवस्था की गई है. 
  • वैष्णवनगर से तृणमूल कांग्रेस की विधायक चंदना सरकार ने बताया कि मुर्शिदाबाद से नावों में आने वालों की सहायता के लिए नदी किनारे 20 युवकों को तैनात किया गया है. विधायक ने बताया कि उन्हें स्कूलों में आश्रय दिया गया है और उनके लिए व्यवस्था की गई है. मालदा में एक स्वयंसेवी संगठन के प्रतिनिधि ने बताया कि शनिवार से अब तक धुलियान, सुती और जंगीपुर जैसे इलाकों से दंगा प्रभावित लोगों को लेकर करीब 40-50 नावें आ चुकी हैं और कलियाचक-3 ब्लॉक के पल्लरपुर गांव में जरूरी इंतजाम किए गए हैं. उन्होंने कहा, "वे यहां सुरक्षित हैं." 
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मुर्शिदाबाद हिंसा- फाइल फोटो
मुर्शिदाबाद हिंसा- फाइल फोटो

Murshidabad Violence Today: पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में वक्फ कानून के खिलाफ पुरजोर विरोध हो रहा है. हालिया दिनों राज्य मुर्शिदाबाद में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी. हिंसा ग्रस्त क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. हिंसा प्रभावित लोगों को मालदा में शरण दी गई, इसके लिए टीएमसी के कई स्वंयसेवी संगठन काम कर रहे हैं.

 

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