Voting on Friday: मुस्लिम तंजीमों ने इलेक्शन कमीशन से गुजारिश की है कि वह जुमा के दिन वोटिंग न कराकर किसी दूसरे दिन कराएं. इस दिन वोटिंग कराने से वोटिंग प्रतिशत कमजोर होता है.
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Voting on Friday: इलेक्शन कमीशन ने बीते रोज लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है. सात मरहलों में लोकसभा चुनाव होंगे. लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं. पहले मरहले का चुनाव 19 अप्रैल और दूसरे मरहले का चुनाव 26 अप्रैल को होंगा. दोनों ही दिन जुमा पड़ रहा है. ऐसे में मुस्लिम तंजीमों ने इलेक्शन कमीशन से इन तारीखों को बदलने की मांग की है. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और केरल की एक मुस्लिम तंजीम ने इलेक्शन कमीशन से जुमे की अहमियत का हवाला देकर इन तारीखों में चुनाव न कराने की गुजारिश की है.
मस्जिदों में इकट्ठा होते हैं लोग
IUML का कहना है कि 26 अप्रैल को केरल और तमिलनाडु में जुमा को चुनाव कराना ठीक नहीं होगा. इस दिन वोटिंग कराने से वोटरों और एजेंटों को असुविधा होगी. उन्होंने कहा कि "26 अप्रैल को जुमा है. इस दिन मुसलमान मस्जिदों में इकट्ठा होते हैं. इस दिन केरल और तमिसनाडु में मतदान करना मुश्किल होगा. हमने इसे चुनाव आयोग के ध्यान में लाया है."
कम होगा वोटिंग फीसद
केरल के एक मुस्लिम संगठन 'समस्त केरल जमीयतुल उलमा' ने इस बात पर चिंता जताई है कि शुक्रवार को मतदाताओं और ड्यूटी पर तैनात लोगों को मुश्किल होगी. इससे मतदान प्रतिशत प्रभावित होगा. तंजीम के अध्यक्ष अलीकुट्टी मुसलियार के मुताबिक उन्होंने इलेक्शन कमीशन को खत लिखकर 26 अप्रैल यानी शुक्रवार को होने वाले इलेक्शन को स्थगित करने की गुजारिश की है.
4 जून को रिजल्ट
चुनाव आयोग ने सात मरहलों में लोकसभा इलेक्शन कराने की बात कही है. चुनाव 19 अप्रैल को शुरू होंगे और 1 जून तक चलेंगे. 4 जून को वोटों की गिनती होगी.
क्यों खास है शुक्रवार
इस दिन तमाम मुसलमान दोपहर 1 बजे के आसपास मस्जिदों में जमा होते हैं और एक साथ नमाज पढ़ते हैं. इस्लाम में जुमे की नमाज की बड़ी फजीलत है. मान्यता है कि अगर कोई शख्स लगातार तीन जुमे की नमाज छोड़ देता है तो वह मुस्लिम के दायरे से बाहर हो जाता है.