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Zee SalaamIndian MuslimUPSC CSE 2025: आबादी के लिहाज से बेहद कम है मुस्लिमों की भागीदारी; फिर भी 2026 में सबसे ज्यादा

UPSC CSE 2025: आबादी के लिहाज से बेहद कम है मुस्लिमों की भागीदारी; फिर भी 2026 में सबसे ज्यादा

Year Wise Muslim Candidates’ Success Data in UPSC CSE: UPSC CSE 2025 के परिणाम में 958 सफल उम्मीदवारों में से 53 मुस्लिम अभ्यर्थियों ने कामयाबी हासिल की, जो बीते दस सालों में सबसे ज्यादा है. इस बार ए आर रजा मोहीउद्दीन (रैंक 7), इफरा शम्श अंसारी (रैंक 24) और नाबिया परवेज (रैंक 29) टॉप मुस्लिम उम्मीदवारों में शामिल हैं. आइये जानते हैं मुस्लिम उम्मीदवारों के कामयाबी के दस सालों के आंकड़े-

 

(प्रतीकात्मक एआई तस्वीर)
(प्रतीकात्मक एआई तस्वीर)

Muslim Toppers List Year-Wise in UPSC CSE 2025: भारत का हर शिक्षित नौजवान अपने पढ़ाई के दौरान एक बार देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मानी जाने वाली सिविल सेवा (UPSC) की परीक्षा में जरुर शामिल होना चाहता. यह दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक है. हर साल की तरह इस साल भी गुरुवार (6 मार्च) को संघ लोक सेवा आयोग ने परीक्षा परिणा जारी कर दिया. इस बार भी कई अभ्यर्थियों के कड़ी मेहनत, लगन और त्याग का फल मिला. इस बार बीते कुछ सालों के मुकाबले मुस्लिम समुदाय के अभ्यर्थियों ने भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई. 

सिविल सेवा में चयन का यह सिलसिला पिछले कई सालों से जारी है और UPSC CSE 2025 के नतीजों में भी मुस्लिम अभ्यर्थियों ने अपनी जगह बनाई है. इस बार जारी नतीजों के अनुसार कुल 958 उम्मीदवार सफल हुए, जिनमें 53 मुस्लिम उम्मीदवार शामिल हैं. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कुल चयनित उम्मीदवारों में मुस्लिम अभ्यर्थियों की हिस्सेदारी लगभग 5.53 फीसदी है.

यह भी पढ़ें: UPSC Result 2025: राजा मोहिद्दीन ने रच दिया इतिहास, मुस्लिम उम्मीदवारों में टॉप…इफरा अंसारी भी चमकीं

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इस बार परीक्षा के टॉपर्स में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है. वहीं, मुस्लिम उम्मीदवारों में ए आर रजा मोहीउद्दीन सबसे आगे रहे, जिन्होंने ऑल इंडिया 7वीं रैंक हासिल की. इसके अलावा इफरा शम्श अंसारी ने 24वीं रैंक और नाबिया परवेज ने 29वीं रैंक हासिल की. खास बात यह है कि पिछले साल यानी 2024 के नतीजों में टॉप-30 में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं था, जबकि इस बार टॉप-30 में तीन मुस्लिम उम्मीदवारों ने जगह बनाई है.

UPSC के फाइनल रिजल्ट के मुताबिक, इस बार 1087 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया है. इनमें सामान्य वर्ग (GEN) के 317, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के 104, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 306, अनुसूचित जाति (SC) के 158 और अनुसूचित जनजाति (ST) के 73 उम्मीदवार शामिल हैं. आयोग मुस्लिम अल्पसंख्यक उम्मीदवारों का अलग से कोई ऑफिशियल आंकड़ा जारी नहीं करता है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस वर्ग के 53 उम्मीदवार सफल हुए हैं, जिनमें 13 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं.

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से आयोजित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के तहत इस बार कुल 1087 पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे. आयोग ने अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग संख्या में रिक्तियां जारी की थीं. इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए 180 सीटें, भारतीय विदेश सेवा (IFS) के लिए 55 सीटें और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए 150 पद शामिल थे. इसके अलावा आयोग ने केंद्रीय सेवाओं के ग्रुप A के लिए 507 पद और ग्रुप B सेवाओं के लिए 195 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे. इन सभी पदों पर चयन UPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिए किया जाता है.

अगर पिछले लगभग 10 सालों में (2016 से 2025) के उपलब्ध आंकड़ों पर नजर डालें तो UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफल मुस्लिम उम्मीदवारों का फीसदी आमतौर पर करीब 3 फीसदी से लगभग 6 फीसदी के बीच रहा है. आइये जानते हैं कि साल दर साल कितने फीसदी मुस्लिम उम्मीदवारों ने कामयाबी हासिल कर देश सेवा में लगे हैं. 

2025: कुल 958 चयनित उम्मीदवारों में 53 मुस्लिम उम्मीदवार (5.53%)

2024: कुल 1009 चयनित उम्मीदवारों में 30 मुस्लिम उम्मीदवार (2.97%)

2023: कुल 1016 चयनित उम्मीदवारों में 50 मुस्लिम उम्मीदवार (4.9%)

2022: कुल 933 चयनित उम्मीदवारों में 29 मुस्लिम उम्मीदवार (3.1%)

2021: कुल 685 चयनित उम्मीदवारों में 25 मुस्लिम उम्मीदवार (3.64%)

2020: कुल 761 चयनित उम्मीदवारों में 31 मुस्लिम उम्मीदवार (4.07%)

2019: कुल 829 चयनित उम्मीदवारों में 44 मुस्लिम उम्मीदवार (5.3%)

2018: कुल 759 चयनित उम्मीदवारों में 28 मुस्लिम उम्मीदवार (3.68%)

2017: कुल 980 चयनित उम्मीदवारों में 50 मुस्लिम उम्मीदवार (5.1%)

2016: कुल 1099 चयनित उम्मीदवारों में 52 मुस्लिम उम्मीदवार (4.73%)

इन आंकड़ों के अनुसार UPSC सिविल सेवा परीक्षा में कामयाब मुस्लिम उम्मीदवारों का फीसदी पिछले सालों में भी एक अंक में रहा है और आमतौर पर करीब 2 फीसदी से 6 फीसदी के बीच दर्ज किया गया है. हालांकि, आबादी के हिसाब से मुस्लिम उम्मीदवारों को भागीदारी न मिलने पर सवाल खड़े होते रहे हैं. बीते कुछ सालों में मुस्लिम उम्मीदवारों के UPSC में कामयाब होने पर कथित दक्षिणपंथी संगठन 'जिहाद' से जोड़कर पेश करने लगते हैं. 

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Raihan Shahid

रैहान शाहिद का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले से हैं. वह पिछले पांच सालों से दिल्ली में सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. Zee न्यूज़ से पहले उन्होंने ABP न्यूज़ और दू...और पढ़ें

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