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Muhammad Mustafa Case: पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने अपने बेटे अकील की मौत और उस पर वायरल वीडियो को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उनका बेटा मानसिक रूप से बीमार था, और उसी बीमारी के चलते उसने उन पर और अपने परिवार पर बेबुनियाद आरोप लगाए थे. मुस्तफा ने साफ कहा कि उनके बेटे की मौत पर सियासत की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
दरअसल, पूर्व डीजीपी के बेटे अकील की हाल ही में मौत हो गई थी. उसका अंतिम संस्कार उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद के हरडाखेड़ी गांव में किया गया. बेटे की मौत के बाद उसका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें अकील अपने पिता पर गंभीर आरोप लगाता दिख रहा है,
वीडियो में उसने कहा था कि उसकी पत्नी वास्तव में उसकी नहीं, बल्कि उसके पिता की है. इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला राजनीतिक रूप से गर्मा गया.
मोहम्मद मुस्तफा ने इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेरा बेटा साइकॉटिक था. उसे यह समझ ही नहीं आता था कि वह क्या कह रहा है और क्या कर रहा है. उसे वेलहम स्कूल से भी निकाल दिया गया था. हमने उसके लिए कई स्कूल और विश्वविद्यालय बदले, लेकिन हर जगह उसे अनुशासनहीनता के चलते हटाया गया. वह अक्सर लोगों से मारपीट करता था, यहां तक कि कई बार पुलिसवालों से भी झगड़ा किया.
मुस्तफा ने बताया कि उन्होंने हमेशा अपने बेटे को बचाने की कोशिश की ताकि उनकी सार्वजनिक छवि पर कोई असर न पड़े. उसने एक बार मेरी पत्नी की कूल्हे की हड्डी तक तोड़ दी, लेकिन हमने सबको बताया कि वह गिर गई थी. वह घर में आग लगाता था, झूठे आरोप लगाता था, और अपनी बहू पर भी अत्याचार करता था. मगर हमने कभी उसे कानून के हवाले नहीं किया, क्योंकि मां-बाप अपने बच्चों के लिए सब कुछ करते हैं."
पूर्व डीजीपी ने यह भी साफ किया कि वायरल वीडियो काफी पुराना है. उस वीडियो के बाद मेरे बेटे ने एक और वीडियो में मुझसे माफी भी मांगी थी. जो व्यक्ति खुद को मेरा पड़ोसी बता रहा है, वह हमारे घर से दो किलोमीटर दूर रहता है. वह न कभी हमारे घर आया, न हम उसके घर गए. यह कैसी पड़ोसी है?
मुस्तफा ने कहा कि उनके बेटे की मौत को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है, जबकि यह एक पारिवारिक त्रासदी है. उन्होंने बताया कि पुलिस में जो शिकायत दर्ज कराई गई है, उसका वह स्वागत करते हैं. हम हर शिकायत और हर झूठ से कानूनी तरीके से निपटेंगे.