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Nepal News: नेपाल में हाल ही में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ Gen-Z आंदोलन हुआ, जिसके बाद वहां के प्रधानमंत्री को देश छोड़कर भागना पड़ा. इस आंदोलन के दौरान नेपाल के कई जिलों में कैदियों ने जेल तोड़ दिया और फरार हो गए. इस घटना के बाद कैदियों को वापस से पकड़ा जा रहा है. लेकिन भारत के रहने वाले एक मुस्लिम युवक ने मिसाल पेश करते हुए नेपाल के काठमांडू के सुन्धारा जेल में आत्मसमर्पण करने के लिए रवाना हो गए हैं. वह यहां पर अपनी सजा काट रहे थे.
महराजगंज के सोनौली कस्बे के रहने वाले उमर शेख Gen-Z आंदोलन के दौरान जेल से फरार हो गया था. अब नेपाल की स्थिति सामान्य होने पर उमर शेख अपनी स्वेच्छा से जेल में वापस जा रहे हैं. साथ ही उन्होंने बाकी फरार कैदियों से अपील की है कि वे भी खुद से समर्पण कर दें. उनकी इस हिम्मत की लोग सराहना कर रहे हैं, क्योंकि नेपाल के कैदी अगर भारत या दूसरे देश में चले जाएं तो उनको उस देश में पकड़ना बहुत ही कठिन होता है.
उमर शेख पिछले 9 सालों से नेपाल के सुन्धारा जेल में सजा काट रहे थे. अब वह दोबारा खुद अपनी सजा पूरी करने के लिए जेल जा रहे हैं. उमर शेख ने बताया नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन किया जाने लगा, जेल में फोर्स की कमी हो गई तमाम कैदी जेल तोड़कर भागने लगे.
उन्होंने बताया कि जेल में अफरा-तफरी का माहौल हो गया, उस वक्त कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए? क्योंकि अगर वहां रुके तो कहीं ऐसा न हो की जेल में भी कुछ कैदी दुश्मन होते हैं उनके शिकार हो जाए, इसलिए वह भी कारागार से भाग निकले और भारत नेपाल सीमा सोनौली के कस्बे में जहां उनका घर है वह चले आए.
उन्होंने यह भी बताया कि जब वह जेल से फरार हुए तो उन्होंने सोच रखा था कि जब नेपाल में स्थिति सामान्य हो जाएगी तो वह फिर से जेल में वापस लौट जाएंगे. बता दें कि 26 सितंबर 2025 को उनकी सजा पूरी हो जाएगी. उनकी रिहाई को महज कुछ ही दिन बचे हुए हैं, जिसे काटने के लिए वह फिर से उस जेल में वापस जा रहे हैं.