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NHRC issue notice to railways: नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने हाल ही में रेलवे बोर्ड को नोटिस जारी किया है. यह नोटिस उस शिकायत के आधार पर भेजा गया जिसमें आरोप लगाया गया था कि ट्रेनों में नॉन-वेज खाने में सिर्फ हलाल सर्टिफाइड मीट का ही इस्तेमाल किया जा रहा है.
NHRC की बेंच, जिसकी अध्यक्षता सदस्य प्रियांक कनूगो कर रहे थे, ने माना कि सिर्फ हलाल मीट का इस्तेमाल करना प्राथमिक रूप से मानवाधिकारों का उल्लंघन प्रतीत होता है. बेंच ने कहा कि इस प्रथा से अनुसूचित जाति हिंदू समुदायों और अन्य गैर-मुस्लिम समुदायों, जो मीट व्यवसाय से जुड़े हैं, की आजीविका प्रभावित होती है. आयोग के अनुसार, रेलवे जैसी सरकारी संस्था को सभी धर्मों के लोगों की खाने की पसंद का सम्मान करना चाहिए.
एनएचआरसी ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप मानवाधिकारों के उल्लंघन जैसे लगते हैं. सिर्फ हलाल मीट बेचने की प्रथा से हिंदू SC समुदायों, अन्य गैर-मुस्लिम समुदायों की आजीविका पर बुरा असर पड़ता है. साथ ही रेलवे को संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना के अनुसार सभी धार्मिक आस्थाओं के लोगों के खाने की पसंद का सम्मान करना चाहिए.
शिकायत में आरोप लगाया गया कि रेलवे के जरिए सिर्फ हलाल मीट का इस्तेमाल करना अनुचित भेदभाव है, खासकर उन हिंदू SC समुदायों के खिलाफ, जो पारंपरिक रूप से मीट व्यापार से जुड़े हैं. शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि हिंदू और सिख यात्रियों को उनके धार्मिक विश्वासों के मुताबिक खाने का ऑप्शन नहीं मिलते- जो उनके समानता, भेदभाव-रहित व्यवहार, पेशे की स्वतंत्रता, गरिमा के साथ जीवन और धार्मिक स्वतंत्रता जैसे अधिकारों का उल्लंघन है.
NHRC ने इस मुद्दे पर मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया है. साथ ही, आयोग ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को दो सप्ताह के अंदर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) जमा करने का नोटिस भी जारी किया है.