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Pakistani spy in India: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की स्पेशल कोर्ट ने विशाखापत्तनम नेवी जासूसी केस में दो और आरोपियों को सजा सुनाई. इस मामले में अब तक टोटल चार आरोपियों को सजा हो चुकी है. इस बात की जानकारी NIA ने एक बयान जारी करके दी है.
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में NIA की स्पेशल कोर्ट ने मुंबई के रहने वाले मोहम्मद हारून हाजी को UAPA एक्ट के सेक्शन 17 और 18 के तहत साढ़े पांच साल की कारावास की सजा सुनाई है. इसी अपराध में गोधरा के रहने वाले इमरान याकूब गिलेटी को 6 साल की कारावास की सजा सुनाई गई है. NIA ने बयान में कहा कि दोनों आरोपियों पर 5000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
अगर आरोपी 5000 रुपये का जुर्माना न चुका पाएंगे तो उन्हें एक साल और जेल काटनी होगी. यह मामला देश में काम कर रहे विदेशी जासूसों द्वारा भारतीय नेवी से जुड़े स्थलों की जासूसी करने से जुड़ा है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक NIA ने मोहम्मद हारून हाजी को मई में और इमरान याकूब गिलेटी को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया था. सेंट्रल एजेंसी द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि दोनों को उनके गृह राज्यों से गिरफ्तार किया गया था. पकड़े गए दोनों आरोपी की जांच और पूछताछ की गई तो दोनों आरोपी विदेशी खुफियां एजेंसियों के एजेंट पाए गए. दोनों भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल थे. जांच में पता चला कि दोनों आरोपी WhatsApp के जरिए पाकिस्तानी जासूसों के साथ रेगुलर संपर्क में थे, जिससे भारत की संप्रभुता और एकता-अखंडता को खतरा था.
NIA के बयान के मुताबिक दोनों के पाकिस्तान में रिश्तेदार थे और जांच में पता चला कि वे पाकिस्तान की यात्राओं के दौरान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में आए थे. साथ ही दोनों आरोपी वे गैर-कानूनी तरीकों से पाकिस्तान के साथ गैर-कानूनी कपड़ों और दूसरे कई धंधों में शामिल थे. इन कामों से होने वाली कमाई का इस्तेमाल भारत में जासूसी गतिविधियों को फंड करने के लिए किया जाता था.