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मुगलों के नाम पर हिंदू -मुसलमान दोनों को डरा कर अपनी सियासत चमका रहे ये नेता

BJP Leaders Controversial Statements: महाराष्ट्र की राजनीति मुगल शासक औरंगजेब के इर्द-गिर्द घूमती है. पिछले 10 सालों के इतिहास पर नजर डालें तो महाराष्ट्र में चुनाव औरंगजेब की कब्र, मुस्लिम शासकों, बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे पर होते रहे हैं. यहां हिंदूत्व के नाम पर समाज में जहर बोया जा रहा है. ऐसे में आज हम आपको बीजेपी के ऐसा नेता के बारे में बताने जा रहे हैं, जो औरंगजेब और मुस्लिम शासकों के नाम पर मुसलमानों को डराते हैं. आइए जानते हैं.

मुगलों के नाम पर हिंदू -मुसलमान दोनों को डरा कर अपनी सियासत चमका रहे ये नेता

BJP Leaders Controversial Statements: भारत में सियासी आबोहवा में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है. साल 2014 लोकसभा इलेक्शन के बाद से ही सियासत-दान अपनी राजनीतिक करियर चमकाने के लिए हिंदू-मुस्लिम मुद्दे का इस्तेमाल करने से भी नहीं हिचकिचा रहे हैं, जो जितना हिंदू-मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति कर रहा है, वह उतना ही सियासी के मैदान में चांदी की तरह चमक रहा है और कई महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर आसीन हो रहा है. साथ ही, वह 300 साल पहले मर चुके और इतिहास के पन्नों में दर्ज राजा को हराकर अपने राजनीतिक बिसात का विस्तार कर रहे हैं.

आज भी बीजेपी के कुछ ऐसा नेता है, जो 300 साल पहले मर चुके औरंगजेब से लड़ रहे हैं और मुस्लिम शासकों के नाम से मुसलमानों को डरा रहे हैं. ऐसे में आज हम उन नेताओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जो देश की गंगा-जमुनी तहजीब को कौन बिगाड़ रहा है और अपनी राजनीति चमका रहा है, आइए जानते हैं.

दरअसल, महाराष्ट्र की राजनीति मुगल शासक औरंगजेब के इर्द-गिर्द घूमती है. पिछले 10 सालों के इतिहास पर नजर डालें तो महाराष्ट्र में चुनाव औरंगजेब की कब्र, मुस्लिम शासकों, बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे पर होते रहे हैं. यहां हिंदूत्व के नाम पर समाज में जहर बोया जा रहा है. आए दिन भाजपा नेताओं ने औरंगजेब की कब्र, मुस्लिम शासकों, बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ ऐसे जहरीले बयान दिए हैं, जिससे महाराष्ट्र समेत पूरे देश के माहौल में नफरत फैल गई है और लोगों के दिलों में यह नफरत जड़ जमा चुकी है. 

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देवेंद्र फडणवीस का विवादित बयान
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस कई बार चुनावी रैलियों में मुगल शासक औरंगजेब के खिलाफ बयान दे चुके हैं. कई बार जनसभाओं में सीएम ने संभाजी महाराज और औरंगजेब का जिक्र करते हुए कहा था कि औरंगजेब ने संभाजी महाराज को तड़पा तड़पा कर उनकी हत्या कर दी थी, जिससे आम लोगों की भावनाएं भड़क गई थीं. यह बयान इतना वायरल हुआ कि हिंदू संगठनों ने औरंगजेब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और नागपुर हिंसा की एक वजह यह भी है. महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस के बयान के बाद बीजेपी के कई नेताओं ने औरंगजेब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिसमें पहला नाम नितेश राणे का है.

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नितेश राणे
नितेश राणे महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं और वो अक्सर विवादित बयान देते रहते हैं. कभी वो बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों के नाम पर देश में ज़हर का बीज बोते हैं तो कभी मुस्लिम समुदाय पर निशाना साधकर चर्चा में बने रहते हैं. हाल ही में छावा ने कई ऐसे विवादित बयान दिए हैं, जो हिंदुओं में मुसलमानों के खिलाफ ज़हर की तरह फैल गए हैं. नितेश राणे ने छावा फिल्म रिलीज होने के बाद से ही औरंगजेब के खिलाफ खूब जमकर विवादत बयान दिया है और औरंगजेब की कब्र तोड़ने की भी वकालत की.

बाबरी मस्जिद जैसी कार्रवाई दोहराई जाए- नीतेश राणे
उन्होंने 18 मार्च को कहा था, "औरंगजेब की कब्र को लेकर VHP और दूसरे हिंदुत्व संगठनों ने अपनी भूमिका निभाई है. इस संदर्भ में आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है. मैं नहीं जानता कि एक मंत्री के तौर पर मैं इस विषय पर कितना बोल सकता हूं लेकिन कल मंत्री रहूं या न रहूं, मैं हमेशा हिंदू रहूंगा. इसलिए सभी को अपना काम करना चाहिए. सरकार के तौर पर हम अपना काम कर रहे हैं और हिंदुत्व संगठनों को अपना काम करना चाहिए. जब ​​बाबरी मस्जिद को गिराया गया तो किसी ने किसी से पूछकर कोई काम नहीं किया. कारसेवक अपने काम में व्यस्त थे और राज्य सरकार अपने काम में व्यस्त थी. अब सही समय आ गया है कि बाबरी मस्जिद जैसी कार्रवाई दोहराई जाए."

बीजेपी विधायक टी राजा
बीजेपी विधायक टी राजा भी अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं. टी राजा ने साल 2022 में पैगंबर मोहम्मद (SAW) साहब के खिलाफ विवादित बयान दिया था, जिसके बाद बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था. इसके बावजूद टी राजा मुसलमानों के खिलाफ जहर फैलाते रहे और फिर जब चुनाव आए तो बीजेपी ने टी राजा को टिकट दिया और वो फिर से विधायक बन गए, तब से उन्होंने कई विवादित बयान दिए हैं. हाल के दिनों में उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर की जगह औरंगाबाद कहने वालों का बहिष्कार करने के साथ ही और भी कई बातें कहीं.

औरंगजेब पर टी राजा का विवादित बयान
19 मार्च को नागपुर हिंसा के एक दिन पहले टी राजा ने कहा था कि "महाराष्ट्र के हिंदू चाहते हैं कि मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र राज्य से हटाई जाए. औरंगजेब की कब्र कब तोड़ी जाएगी? अब मेरा एक ही संकल्प है. भारत को 'हिंदू राष्ट्र' बनाना और औरंगजेब की कब्र हटाना. पहले महाराष्ट्र के हिंदू पूछते थे, लेकिन अब पूरे देश के हिंदू पूछ रहे हैं, 'औरंगजेब की कब्र अभी भी यहाँ क्यों है?' उसने अपने पिता को जेल में डाला, अपने भाइयों को मार डाला और हमारे मंदिरों को नष्ट कर दिया. महाराष्ट्र में उसकी कब्र एक ज़हरीली तलवार की तरह है."

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मुसलमानों के खिलाफ उगला जहर
इसके साथ ही टी राजा ने मुसमलानों पर हमला बोलते हुए कहा था, "अगर हम हिंदू जिहाद करेंगे तो तुम्हें शादी के लिए लड़कियां भी नहीं मिलेंगी. औरंगाबाद से औरंगजेब की कब्र का नामोनिशान मिटा देंगे. इन नपुंसकों को वैसा ही सबक सिखाना होगा जैसा छत्रपति शिवाजी महाराज ने अफजल खान को सिखाया था, जिस बोर्ड पर औरंगाबाद लिखा है उसे मिटा देना चाहिए. इन गद्दारों से एक रुपए की भी कोई चीज मत खरीदना. ठोकोगे?…ठोकोगे?…ठोकना है या नहीं. महाराष्ट्र में जमीन जिहाद के नाम पर सरकारी जमीन पर हरा कपड़ा डाल दिया जाता है और उसे दरगाह कहते हैं. जहां भी अवैध रूप से दरगाह बनाई गई है… उसका नामोनिशान मिटा देना है. जहां भी हिंदुओं को बांटा गया, वहां हिंदुओं को काटा गया. इसे याद रखना"

तेजस्वी सूर्या
तेजस्वी सूर्या कई बार इस्लाम और ईसाई धर्म को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं. साल 2022 में उन्होंने इस्लाम और ईसाई धर्म के खिलाफ विवादित बयान दिया था, जिस पर काफी बवाल मचा था. इस बयान की इतनी आलोचना हुई थी कि उन्हें अपना बयान वापस लेना पड़ा था. तेजस्वी सूर्या फिलहाल बीजेपी में हैं और लोकसभा सांसद हैं. बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने बयान दिया था कि वह हिंदू धर्म, इस्लाम और ईसाई धर्म अपनाने वालों को वापस हिंदू धर्म में शामिल करेंगे. बीजेपी सांसद के इस बयान का काफी विरोध हुआ और फिर बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें ऐसे बयानों से बचने की चेतावनी दी, जिसके बाद बीजेपी सांसद ने अपना बयान वापस ले लिया था.

हिमंता बिस्वा सरमा
हिमंत बिस्वा सरमा जब पहले कांग्रेस में थे, तो वे पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष नेता थे, लेकिन जैसे ही उनका हृदय परिवर्तन हुआ और वे भाजपा में शामिल हुए, उन्होंने देश के मुसलमानों और मुगल शासकों के खिलाफ जहर उगला. उन्होंने साल 2023 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान विवादित बयान दिया था. हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि अगर एक अकबर एक जगह आता है, तो वह सौ अकबर लेकर आता है. इसलिए जितनी जल्दी हो सके अकबर को अलविदा कह दें, नहीं तो माता कौशल्या की यह धरती अपवित्र हो जाएगी." फिलहाल हिमंत बिस्वा सरमा असम के सीएम है और बीजेपी के कद्दावर नेता हैं.

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अनिल विज
अनिल विज हरियाणा और बीजेपी के कद्दावर नेता हैं और हरियाणा सरकार में मंत्री भी हैं. अनिल विज अपने अलग काम करने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं. हालांकि, देश के बदलते राजनीतिक माहौल को देखते हुए वह भी हिंदुत्व की राह पर लौट आए हैं. वह अक्सर मुगलों के खिलाफ विवादित बयान देते रहते हैं. हाल ही में अबू आजमी के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने मुगल बादशाह औरंगजेब को लेकर विवादित बयान दिया था. अनिल विज ने इंस्टाग्राम पर लिखा था कि औरंगजेब का धर्म और जाति चाहे जो भी हो, मुगल सिर्फ भारत को लूटने आए थे. उन्होंने भारत में हजारों लोगों का कत्लेआम भी किया था. जो कोई भी उनकी तारीफ या महिमामंडन करता है वह कभी देशभक्त नहीं हो सकता. ऐसा काम सिर्फ देशद्रोही ही कर सकता है. अबू आजमी देशद्रोही है.

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Tauseef Alam

तौसीफ आलम पिछले चार सालों से पत्रकारिता के पेशे में हैं. उन्होंने देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. Amar Ujala,Times Now...और पढ़ें

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