)
Asaduddin Owaisi on PSA: उमर अब्दुल्लाह के बयान पर असदुद्दीन ओवैसी ने जोरदार हमला बोला है. दरअसल, उमर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएसए के बारे में बात कर रहे थे. इस दौरान वह कह रहे थे कि हमने मैनिफेस्टो रिलीज किया और हम जानते थे कि इसमें कई ऐसे वादे हैं जो बतौर यूटी हम नहीं कर सकते हैं.
उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि हमने मैनेफेस्टो में यह नहीं कहा कि हम पहले दिन पीएसए को हटाएंगे. हमने ये कहा कि हम इसे हटा देंगे. हटाने के लिए हमारे पास रियासत का दर्जा होना चाहिए. सिक्योरिटी, लॉ एंड ऑर्डर चुनी हुई सरकार के पास होनी चाहिए. जिस दिन ये चीजें हमारे पास होंगी मैं असेंबली सेशन का भी इंतेजार नहीं करूंगा. मैं एक ऑर्डिनेंस के जरिए इसे हटा दूंगा.
पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) एक कानून है जिसके तहत बिना मुकदमे के किसी व्यक्ति को शांति और सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए दो साल तक हिरासत में रखा जा सकता है. यह कानून मुख्य तौर पर जम्मू-कश्मीर में लागू किया जाता है.
असदुद्दीन ओवैसी ने उमर अब्दुल्लाह की वीडियो पर जवाब देते हुए अपने सोशल मीडिया पर लिखा,"पब्लिक सेफ्टी एक्ट, 1978 (PSA) को शेख़ अब्दुल्ला ने 1978 में तस्करी से निपटने के लिए लागू किया था. फारूक़ अब्दुल्ला, जी. एम. शाह, मुफ्ती मोहम्मद सईद, ग़ुलाम नबी आज़ाद, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती सभी जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. ये सभी आसानी से PSA को रद्द कर सकते थे और भारी पैमाने पर हुई पीड़ा और मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोक सकते थे.
ओवैसी ने आगे कहा,"इस क़ानून का लगभग हर निर्वाचित मुख्यमंत्री और ग़ैर-निर्वाचित राज्यपालों ने गलत इस्तेमाल किया है. 1978 से अब तक 20,000 से ज़्यादा लोगों को बिना किसी आपराधिक आरोप, निष्पक्ष सुनवाई या उचित अपील प्रक्रिया के जेल में डाला गया है. कुछ मामलों में लोगों को 7 से 12 साल तक हिरासत में रखा गया.
ओवैसी ने आगे एक शेर लिखा जो कुछ इस तरह है-
सब कुछ लुटा के होश में आए तो क्या किया
दिन में अगर चिराग जलाए तो क्या किया