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Supreme Court Hearing Kamal Maula Mosque Case: मध्य प्रदेश के धार स्थित कमाल मौला मस्जिद (भोजशाला) के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर सुनवाई होगी. मुस्लिम पक्ष की ओर से इंदौर हाईकोर्ट के 15 मई 2026 के फैसले को चुनौती देने वाली चार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई निर्धारित है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार करते हुए मुस्लिम समाज को भोजशाला के नजदीक खुले जगह पर जुमे की नमाज अदा करने की अंतरिम राहत दी थी. आज की सुनवाई पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं.
मुस्लिम पक्ष की तरफ से दायर चार याचिकाओं पर आज, 5 अगस्त 2026 (बुधवार) को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई होगी. मामला कोर्ट की सूची में क्रमांक 177 पर सूचीबद्ध है. याचिकाएं इंदौर हाईकोर्ट के 15 मई 2026 के उस फैसले के खिलाफ दायर की गई हैं, जिसमें कमाल मौला मस्जिद (भोजशाला) को मंदिर माना गया था. हिंदू पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन, अधिवक्ता विनय जोशी तथा हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष गोयल सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखेंगे। इस मामले में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस को मुख्य प्रतिवादी बनाया गया है. इसके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट रंजना अग्निहोत्री, आशीष गोयल, आशीष जनक, मोहित गर्ग, सुनील सारस्वत सहित अन्य लोगों को भी प्रतिवादी बनाया गया है.
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजर
गौरतलब है कि 14 जुलाई 2026 को मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. उन्होंने हाईकोर्ट के 15 मई के फैसले पर रोक लगाने और शुक्रवार को भोजशाला परिसर में नमाज की इजाजत देने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि मुस्लिम समाज को कमाल मौला मस्जिद (भोजशाला) के नजदीक खुले आसमान के नीचे नमाज अदा करने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया जाए. इसके बाद जिला प्रशासन ने अलग-अलग जगहों का निरीक्षण किया और भोजशाला के समीप स्थित सर्वे नंबर 612 की भूमि पर नमाज की व्यवस्था कराई, जहां बीते जुमे को शांतिपूर्ण ढंग से नमाज अदा की गई थी. अब आज होने वाली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आगे क्या निर्देश देता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.