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Asaduddin Owaisi ने मांगी Caste Census की टाइमलाइन, बताए क्या होंगे इसके फायदे

Asaduddin Owaisi ​on Caste Census: एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने जाति जनगणना के फायदे बताए हैं और साथ ही सरकार से इसकी टाइमलाइन मांगी है. पूरी खबर पढ़ने के लिए स्क्रॉल करें.

Asaduddin Owaisi ने मांगी Caste Census की टाइमलाइन, बताए क्या होंगे इसके फायदे

Asaduddin Owaisi ​on Caste Census: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से हाल ही में मंज़ूर हुई जाति जनगणना को लागू करने के लिए एक तय समय-सीमा बताने की मांग की है. उन्होंने कहा कि पिछली जाति जनगणना 1931 में हुई थी.

क्या बोले असदुद्दीन ओवैसी?

ओवैसी ने मीडिया से बात करते हुए कहा,"हम बीजेपी-एनडीए से सिर्फ इतना कहना चाहते हैं कि हमें यह बताएं कि यह जनगणना कब शुरू होगी, कब खत्म होगी और इसे कब लागू किया जाएगा। क्या यह 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले हो जाएगा?"

जाति जनगणना की बताई अहमियत

जाति जनगणना की अहमियत बताते हुए ओवैसी ने अमेरिका का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका में अफ्रीकी-अमेरिकियों, यहूदियों और चीनी मूल के लोगों को आरक्षण दिया गया जिससे देश को ताकत मिली. इसी तरह भारत में भी जाति जनगणना ज़रूरी है.

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अल्पसंख्यकों को हुआ फायदा

ओवैसी ने आगे कहा, "जब अमेरिका ने आरक्षण की नीति अपनाई तो वहां के अल्पसंख्यक समुदायों को फायदा हुआ और देश ताकतवर बना. इसलिए भारत में भी इस तरह की जाति जनगणना बहुत ज़रूरी है. उसके बाद ही सरकार को ज़रूरी कदम उठाने होंगे."

क्या होगा इससे फायदा?

AIMIM प्रमुख ने कहा कि इस जाति जनगणना से यह भी पता चलेगा कि कौन-सी जातियां लाभ उठा रही हैं और कौन पीछे हैं. इसके साथ ही ज़मीन और संसाधनों की असल हालात भी सामने आएंगे. उन्होंने कहा कि इससे पसमांदा मुसलमानों के हालात साफ हो जाएंगे.

पासमांदा मुसलमानों की हालत का लगेगा पता

ओवैसी ने कहा,"हमारी पार्टी 2021 से ही देशव्यापी जाति सर्वे की मांग कर रही है. अगर जाति सर्वे किया गया, तो पता चलेगा कि कौन लाभ पा रहा है और कौन नहीं. किसके पास ज़मीन है और किसके पास नहीं. यह बहुत ज़रूरी है. लोगों को पसमांदा मुसलमानों की ज़मीनी हकीकत पता चलेगी. साथ ही यह भी दिखेगा कि गैर-पसमांदा मुसलमानों की हालत क्या है."

पीएम मोदी ने किया था ऐलान

यह बयान उस समय आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स की बैठक में आने वाली जनगणना में जातिगत आंकड़े भी शामिल करने का फैसला किया है. बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 30 अप्रैल को इसका ऐलान किया था. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार के इस फैसले को क्रांतिकारी बताया था और कहा था कि भारत आने वाले सालों में एक महान देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

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Sami Siddiqui

समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य ...और पढ़ें

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