Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ देश की मस्जिदों में जुमे की नमाज के दौरान दुआ और आतंकवाद के खिलाफ सख्त पैगाम दिया जाएगा. इमाम उमेर इल्यासी ने किया ऐलान.
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Pahalgam Terror Attack: मुस्लिम संगठन ‘ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन’ के प्रमुख इमाम उमेर अहमद इल्यासी ने आज यानी 23 अप्रैल को कहा कि देश की साढ़े पांच लाख से ज्यादा मस्जिदों के इमाम आगामी शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के लिए दुआ करने के साथ आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश देंगे.
उन्होंने अपने संगठन के पदाधिकारियों और कई दूसरे धर्मों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद यह भी कहा कि मजहब के आधार पर निर्दोष लोगों की हत्या करना न सिर्फ इस्लाम, बल्कि पूरी इंसानियत के खिलाफ है. इल्यासी ने कहा, ‘‘पहलगाम में जो बेकसूर लोग मारे गए हैं, उनके और उनके परिवारों के लिए मस्जिदों में दुआएं मांगी जाएंगी. इस शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान इमाम अपने कुतबे (धार्मिक संबोधन) के दौरान आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश देंगे.’’
आतंकियों का इस्लाम से नहीं है वास्ता- मुस्लिम संगठन
उन्होंने कहा, ‘‘यह एकदम स्पष्ट हो जाना चाहिए कि जो लोग आतंकवाद फैलाने के लिए मजहब का सहारा ले रहे हैं उनका इस्लाम से कोई वास्ता नहीं है. इस्लाम इंसानियत की बात करता है, जबकि बेकसूर लोगों की हत्या करने वाले ‘शैतान’ हैं.’’ उनका कहना था, ‘‘हमने यह भी फैसला किया है कि किसी आतंकवादी के मारे जाने पर उसके जनाजे की नमाज कोई भी इमाम नहीं पढ़ाएगा."
आतंकियों को भारत में नहीं किया जाए दफन- मौलाना
इल्यासी ने कहा, ‘‘हमारी सरकार से मांग है कि मारे गए किसी आतंकवादी को हिंदुस्तान की धरती पर दफन नहीं करने दिया जाए.’’ कई अन्य प्रमुख मस्लिम संगठनों ने भी पहलगाम हमले की निंदा की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले की जमीयत कड़ी निंदा करती है, साथ ही मरने वालों के परिवारों के दुख में बराबर की शरीक है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती है.’’
मौलाना का कहना था कि धर्म के आधार किए गए आतंकी कृत्य की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है. मदनी ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर में मस्जिदों से इस हमले की निंदा की गई और यह दिखाता है कि कश्मीर का आम मुसलमान कश्मीर में शांति व्यवस्था को बढ़ावा देना चाहता है.’’
जमात-ए-इस्लामी हिंद ने कही ये बड़ी बात
जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने कहा, ‘‘मैं मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं. निर्दोष लोगों का मारा जाना बहुत तकलीफदेह है. मेरी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं.’’ उन्होंन कहा कि ऐसे बर्बर कृत्य का कोई औचित्य नहीं हो सकता तथा यह पूरी तरह से अमानवीय है और पूरी तरह निंदा का पात्र है.
आरोपियों को मिले कड़ी सजा- मौलाना
हुसैनी ने कहा, ‘‘जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए और कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए.’’ कई मुस्लिम बुद्धिजीवियों के समूह ‘इंडियन मुस्लिम्स फॉर सेक्युलर डेमोक्रेसी’ (आईएमएसडी) ने एक बयान में पहलगाम हमले की निंदा करते हुए कहा, ‘‘हम आशा करते हैं कि अपराधियों को शीघ्रता से पकड़ा जाएगा, न्याय के कटघरे में लाया जाएगा और कड़ी सजा दी जाएगी.’’
सुरक्षा चूक की हो जांच- मुस्लिम संगठन
इस संगठन ने कहा, ‘‘हम सुरक्षा चूक की गहन जांच, जिम्मेदारी तय करने और आवश्यक कार्रवाई की मांग भी करते हैं.’’ दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादियों ने हमला किया, जिसमें कम से कम 26 लोग मारे गए. यह 2019 में पुलवामा हमले के बाद से कश्मीर में सबसे बड़ा हमला है. पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे.