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पहलगाम हमले में मुस्लिम व्यापारी बना फरिश्ता, BJP नेता समेत 11 सैलानियों की बचाई जान

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में जहां मौत का तांडव मचा था, वहीं मुस्लिम व्यापारी नजाकत अली फरिश्ता बनकर सामने आए. उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना 11 सैलानियों की जान बचाई. 

पहलगाम हमले में मुस्लिम व्यापारी बना फरिश्ता, BJP नेता समेत 11 सैलानियों की बचाई जान

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने कायराना हमले किए. इस हमले में कम से कम 26 लोगों की जान चली गई. जबकि कई लोग जख्मी हो गए. इस हमले के दौरान चारों तरफ चीख-पुकार मची हुई थी, तभी एक मुस्लिम व्यापारी फरिश्ता बनकर आया, अगर व्यापारी समय रहते नहीं आता तो मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता था. कश्मीर के पहलगाम के कपड़ा व्यापारी नजाकत अली ने 11 सैलानियों को हमले के दौरान सुरक्षित निकाल लिया.

दरअसल, छत्तीसगढ़ के चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र के 4 दोस्त अपनी-अपनी फैमिली के साथ पहलगाम के बैसरन घूमने आए थे. छत्तीसगढ़ के निवासी शिवांश जैन, हैप्पी बधावान, अरविंद्र अग्रवाल और कुलदीप स्थापक अपनी-अपनी फैमली और बच्चों के साथ 18 अप्रैल को गर्मी की छुट्टियां मनाने के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे. 

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बीजेपी की पार्षद हैं नजाकत ने बचाया

कुलदीप स्थापक की बीवी पूर्वा स्थापक चिरमिरी नगर निगम के वार्ड-13 से बीजेपी की पार्षद हैं. ये सभी लोग 22 अप्रैल को सभी बैसरन में मौजूद थे. वहीं, हमले से पहले  भूस्खलन होने हुआ था, जिससे सभी रोड बंद हो गए थे. सड़क के दोनों तरफ सैलानियों की भीड़ थी और वह सभी सड़क के दोनों तरफ फंस गए थे. इसी दौरान अचानक दहशतगर्दों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिससे सैलानियों में भगदड़ मच गई. हालांकि, नाजकल अली की सूझबूझ से 11 लोगों की जान बच गई. 

सूझबूझ से बचाई सभी लोगों की जान
गौरतलब है कि हर साल सर्दी के मौसम में कश्मीर के नजाकत अली गर्म कपड़े बेचने के लिए छत्तीसगढ़ के चिरमिरी आते रहते हैं. इसी दौरान इन सभी लोगों से पहचान हो गई थी. इसके बाद इन सभी लोगों ने नजाकत अली से जान-पहचान की वजह से चारों दोस्त अपने-अपने फैमली को लेकर कपड़ा व्यापारी नजाकत के साथ घूम रही थी. तभी अचानक फायरिंग होने लगी, सभी लोग घबराए हुए थे लेकिन नजाकत नहीं घबराए और अपनी सूझबूझ से सभी लोगों को अपने साथ सुरक्षित निकाल लिया.

परिजन ने दी ये जानकारी 
मीडिया से बातचीत करते हुए कुलदीप स्थापक के मामा राकेश परासर ने कहा, "उनके भांजे के परिवार में 3 बच्चे थे. हमले के समय सभी के वहीं होने से वे चिंतित थे. आतंकी हमले के बाद नजाकत सभी को अपने साथ लॉज में ले गया था. अब सभी सुरक्षित कश्मीर से छत्तीसगढ़ के लिए निकल चुके हैं."

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Tauseef Alam

तौसीफ आलम पिछले चार सालों से पत्रकारिता के पेशे में हैं. उन्होंने देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. Amar Ujala,Times Now...और पढ़ें

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