PAK-IND Tension: पाकिस्तान और भारत के बीच टेंशन जारी है और इस बीच पाकिस्तानी सेना का बयान आया है. जिन्होंने आतंकियों की भाषा बोलने का काम किया है. पूरी खबर पढ़ने के लिए स्क्रॉल करें.
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PAK-IND Tension: पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर अपने बयानों से यह संकेत दिया है कि वह दहशतगर्दों जैसी ज़ुबान बोलने से परहेज नहीं करती. सेना के स्पीकर लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद की तरह भारत को सिंधु जल संधि को लेकर धमकी दी है. जिसके बाद उनकी काफी फज़ीहत हो रही है.
एक पब्लिक गैदरिंग को खिताब करते हुए चौधरी ने भारत के सिंधु जल संधि को फौरी (आंशिक) तौर पर निलंबित करने के फैसले पर तीखा रद्देअमल ज़ाहिर किया है. उन्होंने धमकी भरे लफ्जों में कहा,"अगर आप हमारा पानी रोकेंगे, तो हम आपकी सांसें रोक देंगे." यह बयान हाफिज सईद के हालिया भड़काऊ स्पीच से मेल खाता है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है.
भारत ने साफ अल्फाज में कहा है जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन नहीं रोकता और अपनी ज़मीन पर चल रहे आतंकी संगठनों को मदद देना बंद नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि को निलंबित रखा जाएगा. गौरतलब है कि भारत ने 23 अप्रैल को सिंधु जल संधि के कुछ हिस्सों को निलंबित कर दिया था. यह फैसला पहलगाम में हुए आतंकी हमले के ठीक एक दिन बाद लिया गया था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी.
1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता से बनी यह संधि सिंधु नदी प्रणाली के जल बंटवारे को कंट्रोल करती है. लेकिन, भारत अब इसे पाकिस्तान के जरिए प्रायोजित आतंकवाद के परिप्रेक्ष्य में देख रहा है.
दिल्ली ने बार-बार स्पष्ट किया है कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते, और न ही बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ चल सकते हैं. इसी नीति के तहत भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल हमले किए थे.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को साफ किया कि पाकिस्तान से मुस्तकबिल में कोई भी बातचीत केवल पीओके से अवैध कब्जा हटाने तक सीमित रहेगी. उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत केवल उन वांछित आतंकवादियों के प्रत्यर्पण पर चर्चा के लिए तैयार है, जिनकी लिस्ट पहले ही पाकिस्तान को सौंपी जा चुकी है.