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Zee SalaamIndian Muslimपुंछ में आतंक का साया, दीवारों पर गोलियों के निशान के बीच बेखौफ बच्चे बुन रहे सुनहरे भविष्य का सपना

पुंछ में आतंक का साया, दीवारों पर गोलियों के निशान के बीच बेखौफ बच्चे बुन रहे सुनहरे भविष्य का सपना

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम में हालिया दिनों आतंकियों के कायराना हमले के बाद पूरे जम्मू कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां खास सतर्कता बरत रही हैं. भारत के बड़े एक्शन की आशंका से डरी पाकिस्तानी सेना लगातार सरहद पार से फायरिंग कर रही हैं. भारी तनाव के बीच पुंछ जिले के मिडिल स्कूल के बच्चे सुनहरे भविष्य के सपने बुनने में मशगूल हैं.

पुंछ के मिडिल स्कूल पर गोलियों के निशान दिखाता बच्चा
पुंछ के मिडिल स्कूल पर गोलियों के निशान दिखाता बच्चा

Poonch News Today: जम्मू कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है, हालांकि प्रदेश के कई जिलों ने सालों तक आतंकवाद का दंश झेला है. बीते 22 अप्रैल को  पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने निहत्थे मासूम लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई. आतंकवादियों के इस कायराना हमले के बाद एक बार फिर भारत-पाकिस्तान की सरहद पर तनाव बढ़ गया. 

पहलगाम की घटना के बाद जम्मू कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्ता सख्त कर दी गई है. सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादियों की कमर तोड़ने लगातार कार्रवाई कर रही हैं. गोलियों की गूंज और आतंक के साये में रह रहे लोग अभी भी बेहतर भविष्य के प्रति सकारात्मक हैं. यह नजारा पुंछ में भी देखने को मिल रहा है. 

पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तानी सेना लगातार पुंछ सहित दूसरे सीमावर्ती जिलों के नजदीक बगैर किसी उकसावे के फायरिंग कर रही है. पुंछ में इन गोलियों के बीच बेखौफ बच्चे सुनहरे भविष्य का सपना बुन रहे हैं. यहां के स्कूल की दीवारें आतंक की कहानीय बयां करती हैं. 

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दीवारों पर बने गोलियों के निशाना दहशतगर्दी की याद दिलाते हैं. तो दूसरी तरफ इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे आंतक के दहशत से बेखौफ होकर सुनहरे भविष्य के सपने देख रहे हैं. बच्चों की लगन और पढ़ाई के प्रति उनकी लगन देखने लायक है, जो उनके उज्जवल भविष्य की तरफ इशारा करती है. हिंसा से परे लोगों की सकारात्मकता आतंकवादियों के मंसूबों पर कड़ा प्रहार है.

भारत- पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर स्थित मिडिल स्कूल, फकीरा दरा में पढ़ने वाले बच्चों के इरादों से भी झलकता है. एक तरफ दीवारों पर गोलियों के निशान दहशतगर्दी की याद दिलाते हैं, तो दूसरी तरफ किताबों में ध्यान लगाए बच्चों में दिख रहा है जम्मू-कश्मीर का चमकता भविष्य. फकीरा दरा का सरकारी मिडिल स्कूल पुंछ जिले में रावला कोट पर सड़क के किनारे स्थित है. 

हालिया घटनाओं के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव की वजह से इस इलाके के लोग भी काफी सतर्क हैं और यह लाजमी भी है. सरहद पार से आने वाले आतंकियों के मंसूबों को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में इन दिनों खास सतर्कता बरती जा रही है. आतंकियों के नापाक मंसूबों को नाकाम बनाने के लिए सेना भी लगातार एक्शन मोड में है. 

स्कूल टीचर मुश्ताक अहमद ने कहा स्कूल के बच्चे कहते हैं, हम डरते नहीं पर सतर्कता जरूरी है. हम चाहते हैं कि हमारे स्कूल में भी बंकर बनाया जाए. उन्होंने का कि बंकर बनाने से अगर कोई दोबारा स्कूल को निशाना बनाए, तो कम से कम बच्चों को नुकसान न हो. यहां पढ़ने वाले बच्चे भी आतंकियों के नापाक मंसूबों से बेखौफ स्कूल में अपनी खूबसूरत दुनिया में मशगूल हैं.

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