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Pakistan की फायरिंग ने ली पुंछ के अकरम की जान, छोटे बच्चे आज भी देख रहे बाप की राह

Jammu Kashmir News: पुंछ इलाके में अकरम नाम के शख्स का परिवार बिलकुल बेसहारा हो गया है. इकलौते कमाने वाले अकरम की पाकिस्तान के जरिए की गई फायरिंग में मौत हो गई थी.

Pakistan की फायरिंग ने ली पुंछ के अकरम की जान, छोटे बच्चे आज भी देख रहे बाप की राह

Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में हाल ही में हुए "ऑपरेशन संदूर" के बाद पाकिस्तान की ओर से की गई भारी गोलाबारी ने कई निर्दोष जिंदगियों खत्म किया है. इस हमले में मंडी तहसील के चिकरी गांव निवासी मोहम्मद अकरम की भी मौत हो गई थी. अकरम पुंछ शहर में मजदूरी कर अपने छह बच्चों और पत्नी का पालन-पोषण कर रहे थे.

परिवार का इकलौता कमाने वाला शख्स

मोहम्मद अकरम अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले मेंबर थे. रोज की तरह वह उस रात भी पुंछ शहर में मजदूरी के बाद अपने अस्थायी ठिकाने पर थे, जब अचानक पाकिस्तानी सेना की तरफ से गोलाबारी शुरू हो गई. एक गोला सीधे उनके पास आकर गिरा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई और उनकी बेटी आफरीन फिरदौस, जो 12वीं कक्षा की छात्रा है, घायल हो गई.

आफरीन ने बताई आपबीती

गोलाबारी के उस खौफनाक रात को याद करते हुए आफरीन ने बताया, "पाकिस्तान की तरफ से जबरदस्त गोलाबारी हो रही थी. घर के सभी लोग डरे हुए थे. पापा और मैं छोटे भाई-बहनों को संभालने की कोशिश कर रहे थे, तभी एक गोला आ गिरा और पापा हमें हमेशा के लिए छोड़कर चले गए.

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अब आगे कैसे जिंदगी कटेगी: मृतक की पत्नी

अकरम की पत्नी फरीदा बी का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने कहा, "अब हमारे पास कुछ नहीं बचा. मेरे छह बच्चों में चार बेटियां और दो बेटे हैं. अब न बच्चों की पढ़ाई का सहारा है, न रोटी का इंतजाम. समझ नहीं आता, कैसे आगे की जिंदगी कटेगी." अकरम के बड़े भाई मोहम्मद बशीर ने दुखी स्वर में बताया, "भाई दिनभर मेहनत-मजदूरी करके जो कमा कर लाता था, उसी से घर चलता था. अब वो नहीं रहा तो पूरा घर उजड़ गया है."

सरकार द्वारा सहायता देने की बात कही जा रही है, लेकिन अकरम का परिवार आज भी सदमे में है. छोटे-छोटे बच्चे अभी भी अपने पिता की राह देख रहे हैं, उन्हें नहीं पता कि अब उनका पिता कभी वापस नहीं आएगा.

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Sami Siddiqui

समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य ...और पढ़ें

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