Pakistan News: पाकिस्तान के सरगोधा में फेमस डॉक्टर महमूद की अस्पताल में हत्या कर दी गई है. उन्हें काफी वक्त से अहमदिया होने पर धमकियां मिल रही थीं. पूरी खबर पढ़ने के लिए स्क्रॉल करें.
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Pakistan News: सरगोधा के फातिमा अस्पताल में शुक्रवार को अहमदिया समुदाय से ताल्लुक रखने वाले डॉक्टर शेख़ मोहम्मद महमूद की गोली मारकर हत्या कर दी गई. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया लगता है.
58 साल के डॉ. महमूद जनरल फिजीशियन और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के विशेषज्ञ थे. वह अपनी मां, पत्नी, दो बेटियों और दो बेटों को पीछे छोड़ गए हैं. उन्होंने कई निजी और चैरिटेबल संस्थानों में काम किया था और हाल ही में एक वेलफेयर प्रोग्राम के तहत फातिमा अस्पताल में सेवा दे रहे थे.
पुलिस के मुताबिक, हमलावर क्लीन पंजाब प्रोग्राम की वर्दी पहनकर अस्पताल में आया, एक चेकअप स्लिप खरीदी और अस्पताल में इंतजार करता रहा. जैसे ही डॉ. महमूद अपने कमरे से बाहर आए, हमलावर ने गोली चला दी, जो उनकी पीठ और पेट में लगीं, जिससे उनके आंतरिक अंग बुरी तरह घायल हो गए. उन्हें तुरंत डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर टीचिंग अस्पताल** ले जाया गया, लेकिन वे बच नहीं सके.
हमलावर मौके से फरार हो गया. सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि डॉक्टर घायल होकर अस्पताल की फर्श पर पड़े थे और अस्पताल का स्टाफ घबराया हुआ खड़ा था. सरगोधा के डीपीओ मोहम्मद सोहैब अशरफ सहित दूसरे पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई. पुलिस ने जल्द हमलावर को पकड़ने का वादा किया है.
डॉ. महमूद को सरगोधा के सबसे अनुभवी डॉक्टरों में गिना जाता था. उनके पास 30 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस था और वे पहले सादिक अस्पताल में भी काम कर चुके थे. उन्हें गरीब मरीजों का फ्री इलाज करने के लिए जाना जाता था.
सूत्रों के मुताबिक, डॉ. महमूद को अपने मजहब की वजह से धमकियां मिल चुकी थीं. इन्हीं धमकियों के चलते उन्होंने पहले की नौकरी छोड़ दी थी, लेकिन मानव सेवा के जज्बे ने उन्हें दोबारा काम पर लौटने के लिए प्रेरित किया था.