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Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LoC) के पास स्थित भारत के उरी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन यह हमला पूरी तरह नाकाम कर दिया गया. इस हमले में कोई नुकसान नहीं हुआ था. भारत की महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करने वाली केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी है.
ऑपरेशन सिंदूर के बा हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट्स (UHEP–I और II) पर तैनात 19 जवानों पाकिस्तान के जरिए हमला करने वाले ड्रोन्स को तबाह करने के काम किया और पाकिस्तानी फायरिंग के बीच नागरिकों को महफूड निकाला.
इन सैनिकों के लिए मंगलवाक को दिल्ली स्थित CISF मुख्यालय में आयोजित हुआ. CISF ने अपने बयान में कहा कि 6–7 मई 2025 की रात भारतीय सेना के जरिए ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में LoC पार कर आतंकियों के ठिकानों पर चलाया गया. इसके जवाब में पाकिस्तान सेना ने भारतीय क्षेत्र पर भारी और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी.
इससे यूरी हाइड्रो-पावर प्रोजेक्ट सहित कई महत्वपूर्ण ढांचों और आसपास की आबादी पर खतरा पैदा हो गया. LoC से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित NHPC के इन इंस्टॉलेशनों पर तैनात CISF की टीमें इस अचानक बढ़े तनाव के बीच सबसे आगे थीं."
CISF ने बताया कि भारी गोलीबारी के बावजूद कमांडेंट रवि यादव और डिप्टी कमांडेंट की टीम ने तुरंत सुरक्षात्मक कदम उठाए. सबसे भीषण स्थिति में CISF के जवानों ने इंस्टॉलेशन को निशाना बनाते ड्रोन गिराए और हथियारों के भंडार को सुरक्षित करने के लिए उन्हें तुरंत अलग-अलग स्थानों पर शिफ्ट कर दिया.
इस पूरी कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रॉपर्टी का कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. जब गोलाबारी रिहायशी इलाकों के पास तक पहुंच गई तो CISF जवानों ने घर-घर जाकर महिलाओं, बच्चों, NHPC कर्मचारियों और उनके परिवारों को सुरक्षित निकाला. इस बीच लगातार शेलिंग हो रही थी.