Jammu Kashmir Politics: वक्फ संशोधन बिल लागू होने के बाद जम्मू कश्मीर में सियासी उफान चरम पर है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला साहब और फारूक अब्दुल्ला की ट्यूलिप गॉर्डन में हुई मुलाकात ने आग में घी डालने का काम किया है. हालांकि अब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मुलाकात पर सफाई दी है.
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Jammu Kashmir News Today: अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार (9 अप्रैल) को ट्यूलिप गार्डन में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला के साथ अपनी मुलाकात को लेकर उठे विवाद पर सफाई पेश की. उन्होंने इस मुलाकात को लेकर कहा कि यह बातचीत महज एक संयोग थी.
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में एक संदेश में कहा, "एक खूबसूरत सुबह की सैर एक राजनीतिक चर्चा बन गई, जिसकी गूंज जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी सुनाई दी. दिन के समय आगंतुकों और पर्यटकों को होने वाली असुविधा से बचने के लिए सुबह-सुबह ट्यूलिप गार्डन की सैर के दौरान मेरी मुलाकात मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला साहब और फारूक अब्दुल्ला साहब से हुई." उन्होंने कहा, "हमने एक-दूसरे से हाथ मिलाया. आइए, राजनीति से परे कश्मीर की खूबसूरती का आनंद लें."
केंद्र शासित प्रदेश में विपक्षी दलों ने किरेन रिजिजू के साथ अब्दुल्ला की आकस्मिक मुलाकात पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम में "मुस्लिम विरोधी संशोधनों के वास्तुकार का भव्य स्वागत किया है." संसद के हाल ही में खत्म हुए बजट सत्र में किरेन रिजिजू ने वक्फ (संशोधन) विधेयक को दोनों सदनों में पेश किया था.
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने हाल में यहां ट्यूलिप गार्डन में अब्दुल्ला और रिजिजू के बीच हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि यह मुलाकात देश के 24 करोड़ मुसलमानों के लिए एक संकेत प्रतीत होती है. सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पहले ही इन आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि विपक्ष "ख्याली पुलाव पका रहा है."
'24 करोड़ मुसलमानों को दिये ये संदेश'
महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा, "वक्फ संशोधन विधेयक को संसद में पारित कराने के बाद, मंत्री किरेन रिजिजू ने रणनीतिक रूप से कश्मीर का दौरा करने का फैसला किया. भारत के एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य के मुख्यमंत्री ने उनका भव्य स्वागत किया, ऐसा लगता है कि यह कदम पूरे भारत के 24 करोड़ मुसलमानों को यह संकेत देने के लिए जानबूझकर उठाया गया है कि जब देश के एकमात्र मुस्लिम बहुल क्षेत्र का नेता समर्थन में खड़ा है, तो उनके विचारों का कोई महत्व नहीं है."
जम्मू कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के आरोपों पर पलटवार किया. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इन आरोपों को महज एक "ख्याली पुलाव" करार दिया.
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