Ustad Bismillah Khan: वर्ल्ड फेमस शहनाई वादक बिस्मिल्ला खान का नाम भारत की शास्त्रीय संगीत परंपरा में अमर है. उस्ताद बिस्मिल्ला खान ने शहनाई जैसे वाद्य यंत्र को वैश्विक पहचान दिलवाई. आज इस खबर में उस्ताद बिस्मिल्ला खान की जीवन और उपलब्धियों के बारे में रोचक बातें जानने को मिलेंगी.
1/7उस्ताद बिस्मिल्ला खान का पूरा नाम बहुत कम लोगों को ही मालूम होगा. उनका पूरा नाम कमरुद्दीन बिस्मिल्ला खान था. उनका जन्म बिहार के भोजपुर जिले के डुमरांव में 21 मार्च 1916 को हुआ.
2/7उस्ताद बिस्मिल्ला खान को वर्ष 2001 में भारत रत्न पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. उन्होंने सत्यजीत रे की फिल्म जलसघर और फिल्म गूँज उठी शहनाई में संगीत दिया है.
3/7उस्ताद बिस्मिल्ला खान के पिता भी एक शहनाई वादक थे. घर का माहौल संगीत मौजूद था. उस्ताद बिस्मिल्ला खान 6 साल की उम्र में ही शहनाई बजाना शुरू कर दी
4/7उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का जन्म भलेही बिहार में हुआ, लेकिन उन्हें उत्तर प्रदेश में मौजूद बनारस से बेहद प्रेम था. इसीलिए वह अपनी आखिरी वक्त तक वहीं रहना चाहते थे और वहीं उनका निधन भी हुआ. आगामी 21 अगस्त को उनका 110वां जन्मदिवस मनाया जाएगा.
5/7उस्ताद बिस्मिल्लाह खान गंगा के घाट पर रोज़ सुबह अस्सी घाट पर बैठकर घंटों रियाज़ करते थे. इसके साथ ही वह काशी विश्वनाथ मंदिर के पास घंटों शहनाई बजाते और कहते कि संगीत ही उनकी इबादत है.
6/7उस्ताद बिस्मिल्ला खान को वर्ष 1947 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से शहनाई बजाने का मौका मिला. इसके साथ ही उन्होंने शहनाई को विश्व भर में एक पहचान दिलाई. 1960 के दशक में अमेरिका, ब्रिटेन, ईरान और जापान में संगीत प्रस्तुत कर भारत का नाम रोशन किया.
7/7उस्ताद बिस्मिल्ला खान मुस्लिम समुदाय में जन्म लिए और इस्लाम में संगीत पर रोक है. लेकिन, उस्ताद बिस्मिल्ला खान ने संगीत को ही अपना मजहब बताते थे. उन्होंने संगीत को एक धर्मनिरपेक्ष पहचान भी दिलाई.