Eid-Ul-Fitr 2026 Shopping: ईद-उल-फित्र से पहले देशभर के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है. कपड़े, ज्वेलरी, इत्र और सेवईं की खरीदारी तेज हो गई है. दिल्ली, भोपाल, असम और कश्मीर के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ रही है, हालांकि महंगाई को लेकर हल्की नाराजगी भी दिख रही है.
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भारत के कई राज्यों में चांद नजर आने के बाद ईद-उल-फित्र की तैयारियां तेज हो गई हैं. मध्य प्रदेश, असम, असम और दिल्ली समेत बाजारों में इफ्तारी से पहले और बाद में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. एक तरफ से मुस्लिम समुदाय के लोग दुकानों पर सेवईं की खरीदारी करते नजर आए, तो दूसरी तरफ कपड़े, ज्वेलरी की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी ईद की खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
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इस्लाम में ईद में नए कपड़ों के साथ खुश्बू लगाना सुन्नत करार दिया गया है. ऐसे में लोगों को इत्र की दुकानों पर बेहतरीन खूश्बू की तलाश करते हुए देखा गया है. इस बार ईद पर बाजारों में इत्र और परफ्यूम की जबरदस्त धूम है, जहां फिरदौस, मजमूआ, ऊद, संदल और मुश्क अंबर जैसी रिवायती खुशबू की सबसे ज्यादा मांग है. रमजान में और ईद पर इत्र-परफ्यूम की डिमांड बढ़ जाती है.
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भारत में ईद की खरीदारी के लिए प्रमुख बाजारों में दिल्ली का चांदनी चौक, मुंबई की मोहम्मद अली रोड और हैदराबाद का लाड बाजार मशहूर है. इसी तरह से यूपी में बरेली और बिहार के किशनगंज जैसे शहरों में रिवायती और मॉडर्न कपड़ों के लिए भारी भीड़ उमड़ती है, जहां सूट, साड़ियां और शेरवानी की जबरदस्त मांग होती है. ईद पर एक लाख करोड़ से ज्यादा कपड़ों का कारोबार होता है.
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ईद-उल-फित्र को मीठी ईद भी कहा जाता है. मध्य प्रदेश, असम, दिल्ली और जम्मू कश्मीर में सेवईंयों की दुकानों पर खास रौनक देखने को मिली. बाजारों कई तरह की सेवईंया देखी जा रही हैं. जिनमें लच्छा (बारीक) सेवई, हाथ से बनी पतली सेवई, रोस्टेड (भुनी हुई) सेवई, और शीरखुर्मा के लिए इस्तेमाल होने वाली सेवईं की खूब मांग है. इसके अलावा किमामी सेवई, जर्दा सेवई, दूध वाली सेवई और सादी सूखी सेवई भी दुकानों की रौनक बढ़ा रही है, जो ईद के पकवानों का स्वाद और रौनक बढ़ा देते हैं.
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चुनावी माहौल में असम की सड़कों पर भी ईद का खुमार छाया हुआ है. मर्द, औरत, बच्चे, बुजुर्ग समेत सभी आयु वर्ग के लोग अपने लिए जरुरी सामानों की खरीदारी के लिए बाजारों का रुख कर रहे हैं. औरतों और लड़कियों को कॉस्मेटिक की दुकानों पर जरुरत के सामान लेते हुए देखा जा सकता है. हालांकि, इस बार बीते साल के मुकाबले कई चीजों की कीमत बढ़ने को लेकर भी लोगों में नाराजगी है, इसके बावजूद ईद की पूर्व संध्या लोग खूब खरीदारी कर रहे हैं.
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ईद के दिन में सुबह में खास नमाज पढ़ी जाती है. ईद की नमाज के लिए जहां मुस्लिम मर्द और बच्चे अलग-अलग तरह के कपड़े खरीद रहे हैं, वहीं टोपियों को लेकर भी भारी क्रेज देखा जा रहा है. ईद पर स्पेशल टोपी खरीदने को लेकर सभी उम्र के लोगों में होड़ देखी जा रही है. बाजारों में 20 रुपये से लेकर हजार रुपये तक की टोपी मिल रही है. कई दुकानों पर सैकड़ों तरह की टोपियां मिल रही हैं, जैसे ओमानी, अजहरी, तुर्की, सामी, पठानी, चिश्ती और गांधी टोपी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.
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जम्मू-कश्मीर की ईद कई मायनों में खास रहती है. कश्मीर की अपनी अनूठी सांस्कृतिक विरासत, मजहबी अकीदत, सामुदायिक एकता और रिवायती कश्मीरी खाने ईद को बेहद खास और मनोहारी बना देते हैं. हजरतबल दरगाह समेत अलग-अलग मस्जिद और ईदगाहों में सामूहिक नमाज माहौल को रुहानियत से लबरेज कर देती हैं.
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जम्मू-कश्मीर में ईद-उल-फितर के लिए श्रीनगर के लाल चौक, गनीखान मार्केट, मगाम और पोलो व्यू के बाजारों में खासी रौनक देखने को मिल रही है. इन मार्केट्स में रिवायती कश्मीरी चूड़ियां, कपड़ों, बेकरी और मेवा की जबरदस्त खरीदारी हो रही है.
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कश्मीरी औरतों में ईद पर चूड़ियों का क्रेज और रिवायती कपड़ों के प्रति खास डिमांड होती है. सोने की कीमतों में गिरावट के बीच कश्मीरी औरतों में ज्वेलरी को लेकर खासा क्रेज देखने को मिला. इसके अलावा कास्मेटिक, ज्वेलरी और दूसरी चीजों की खरीदारी के लिए औरतों को दुकानों में जमावड़ा नजर आया.
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कश्मीर में ईद-उल-फितर की तैयारियों के बीच श्रीनगर सहित अन्य बाजारों में रौनक लौट आई है, जहां लोग पर रिवायती कपड़ों के साथ चूड़ियों और ज्वैलरी की जमकर खरीदारी कर रहे हैं. कल ठंड और भारी बारिश के बावजूद, खरीदार नए कपड़े, आभूषण, और दूसरी जरुरत की चीजों के लिए बाजारों में उमड़ रहे हैं.
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